बाढ़ और हीट वेव से निपटने के लिए केंद्र सरकार अलर्ट, अमित शाह ने तैयारियों की समीक्षा की

Amit Singh
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NEWS PR डेस्क: नई दिल्ली, 11 मई। देश में संभावित बाढ़ और हीट वेव की चुनौतियों को देखते हुए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री Amit Shah ने शनिवार को नई दिल्ली में एक उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए तैयारियों की व्यापक समीक्षा की। बैठक में विभिन्न मंत्रालयों, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA), भारतीय मौसम विभाग (IMD), केंद्रीय जल आयोग (CWC), NDRF और अन्य संबंधित एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

बैठक में गृह मंत्री ने प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में “Zero Casualty Disaster Management” के लक्ष्य को अमल में लाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आपदाओं से होने वाले जान-माल के नुकसान को न्यूनतम करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

अमित शाह ने निर्देश दिए कि देश के हर राज्य में Flood Crisis Management Teams (FCMT) का गठन कर उन्हें सक्रिय किया जाए ताकि बाढ़ जैसी आपदाओं के दौरान त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि NDMA द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का राज्य, जिला और नगरपालिका स्तर पर पालन सुनिश्चित करने के लिए नियमित समीक्षा की जानी चाहिए।

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गृह मंत्री ने जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि “Whole of Government” और “Whole of Society” दृष्टिकोण अपनाकर ही बढ़ती आपदाओं का प्रभावी ढंग से मुकाबला किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मौसम संबंधी योजनाओं और चेतावनियों को केवल कागजों तक सीमित न रखकर धरातल तक पहुंचाना जरूरी है।

बैठक में हिमालयी राज्यों—जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम—की जोखिम भरी झीलों पर भी चर्चा हुई। अमित शाह ने कहा कि फिलहाल 30 झीलों के लिए विकसित की जा रही पूर्व चेतावनी प्रणाली का विस्तार कर कम से कम 60 जोखिम भरी झीलों को इसमें शामिल किया जाए।

उन्होंने जल संरक्षण पर विशेष बल देते हुए कहा कि जल संचय, चेक डैम्स और नदी संरक्षण परियोजनाओं के जरिए जल स्तर सुधारने की संभावनाओं को और बढ़ाया जाए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि Heat Wave से कृषि क्षेत्र को न्यूनतम नुकसान पहुंचाने के लिए ठोस रणनीति तैयार की जानी चाहिए। अमित शाह ने CAMPA Fund के बेहतर उपयोग पर भी जोर दिया और कहा कि इसका इस्तेमाल पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए बहुआयामी प्रयासों में किया जाना चाहिए।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि मौसम पूर्वानुमान और बाढ़ चेतावनी प्रणाली को और मजबूत किया जाएगा। केंद्र सरकार पहले ही IMD और CWC के माध्यम से वर्षा और बाढ़ पूर्वानुमान की अवधि 3 दिन से बढ़ाकर 7 दिन कर चुकी है। इसके अलावा हीट वेव पूर्वानुमान के मानकों में भी सुधार किया गया है।

गृह मंत्री ने अधिकारियों को नए ऐप और पोर्टल विकसित करने के बजाय मौजूदा प्लेटफॉर्म्स को बेहतर और एकीकृत करने पर ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मौसम संबंधी पूर्वानुमानों और चेतावनियों का व्यापक प्रचार-प्रसार होना चाहिए ताकि आम नागरिक समय रहते सतर्क हो सकें।

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