बिहार में कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर को मिल रही नई रफ्तार, 2045 परियोजनाएं स्वीकृत : विजय कुमार सिन्हा

Amit Singh

NEWS PR डेस्क: पटना, 16 मई। बिहार में कृषि क्षेत्र को आधुनिक और मजबूत बनाने की दिशा में ‘कृषि अवसंरचना कोष’ (Agriculture Infrastructure Fund-AIF) योजना तेजी से प्रभाव दिखा रही है। कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा है कि यह योजना राज्य में कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के साथ किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

कृषि मंत्री ने बताया कि 4 नवंबर 2025 तक बिहार में इस योजना के तहत कुल 2045 परियोजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी है। इन परियोजनाओं के लिए अब तक 1650.37 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। उन्होंने कहा कि योजना का मुख्य उद्देश्य फसल कटाई के बाद बेहतर प्रबंधन, भंडारण, प्रसंस्करण और आधुनिक कृषि सुविधाओं को बढ़ावा देना है।

गोदाम और कृषि मशीनीकरण पर विशेष फोकस

विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि बिहार में सबसे अधिक निवेश भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए किया गया है। इसके तहत 834 गोदाम परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं। वहीं खेती और कटाई के मशीनीकरण को बढ़ावा देने के लिए 591 परियोजनाओं पर काम चल रहा है।

उन्होंने कहा कि किसानों को फसलों का बेहतर मूल्य दिलाने के लिए राज्य में 315 प्राइमरी प्रोसेसिंग सेंटर स्थापित किए गए हैं। साथ ही छोटे और सीमांत किसानों को आधुनिक कृषि उपकरण किराये पर उपलब्ध कराने के लिए 196 कस्टम हायरिंग सेंटर भी बनाए गए हैं।

आधुनिक कृषि सुविधाओं को बढ़ावा

मंत्री ने बताया कि योजना के तहत ई-मार्केटिंग प्लेटफॉर्म, साइलो, पैक-हाउस, कोल्ड चेन, लॉजिस्टिक्स सुविधाएं, रिपनिंग चैंबर, जैविक इनपुट उत्पादन और स्मार्ट एवं प्रिसिजन फार्मिंग जैसी आधुनिक सुविधाओं को भी शामिल किया गया है। इससे किसानों को तकनीक आधारित खेती की ओर बढ़ने में मदद मिल रही है।

किसानों को मिल रही ब्याज में छूट और बिना गारंटी लोन

कृषि मंत्री ने कहा कि योजना के तहत 2 करोड़ रुपये तक के ऋण पर 3 प्रतिशत वार्षिक ब्याज छूट दी जा रही है, जो अधिकतम 7 वर्षों तक उपलब्ध रहेगी। इसके अलावा 2 करोड़ रुपये तक के ऋण पर CGTMSE योजना के तहत क्रेडिट गारंटी कवरेज भी दिया जा रहा है, जिससे किसानों और उद्यमियों को बिना किसी कोलैटरल या गारंटी के लोन मिल सकेगा।

उन्होंने बताया कि निवेशकों को कुल परियोजना लागत का केवल 10 प्रतिशत हिस्सा स्वयं लगाना अनिवार्य है, जबकि बाकी राशि बैंक ऋण के माध्यम से उपलब्ध कराई जाती है।

किसान, स्टार्टअप और एफपीओ भी ले सकते हैं लाभ

विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि योजना का दायरा काफी व्यापक है। इसके तहत किसान, निजी संस्थाएं, स्टार्टअप, एफपीओ, स्वयं सहायता समूह, संयुक्त देयता समूह, पैक्स, मिल मालिक, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां, व्यापारी और स्मार्ट खेती सेवा प्रदाता भी लाभ उठा सकते हैं।

उन्होंने किसानों, युवाओं और उद्यमियों से योजना का अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील करते हुए कहा कि इच्छुक लाभार्थी योजना के आधिकारिक पोर्टल www.agriinfra.dac.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

कृषि मंत्री ने कहा कि बिहार सरकार किसानों की समृद्धि और कृषि आधारित उद्योगों के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और ‘कृषि अवसंरचना कोष’ योजना इस दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है।

Share This Article