NEWS PR डेस्क: पटना, 17 मई। बिहार में पुलों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार ने सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। Indian Institute of Technology Patna द्वारा किए जा रहे स्ट्रक्चरल ऑडिट की प्रारंभिक रिपोर्ट में राज्य के नौ पुलों की स्थिति चिंताजनक बताई गई है, जिसके बाद विभागीय स्तर पर मरम्मत और मजबूतीकरण की तैयारी तेज कर दी गई है।
यह ऑडिट भागलपुर के Aguwani Ghat Bridge Collapse के बाद शुरू किया गया था। हादसे के बाद राज्य सरकार ने बड़े और महत्वपूर्ण पुलों की तकनीकी जांच कराने का फैसला लिया था। इसी क्रम में जून 2025 से ऑडिट प्रक्रिया शुरू हुई और IIT पटना को 85 पुलों की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई। अब तक 47 पुलों की रिपोर्ट पथ निर्माण विभाग को मिल चुकी है।

रिपोर्ट में मुजफ्फरपुर के दो पुलों की हालत को गंभीर बताया गया है। इनमें रेलवे स्टेशन के नजदीक बना पुल और बैरिया से जीरो माइल के बीच गंडक नदी पर स्थित पुल शामिल हैं।
वहीं गया जिले के तीन पुलों बसातपुर-सिंलौंजा मार्ग, चटकी-दरियापुर-गोरा रोड और राजबिगहा-बेलदार बिगहा मार्ग पर तत्काल मरम्मत की जरूरत जताई गई है। लखीसराय में भी दो पुलों को लेकर रिपोर्ट में चिंता जाहिर की गई है। इनमें एक आरओबी के पास और दूसरा शहर क्षेत्र का पुल शामिल है। इसके अलावा हाजीपुर में रेलवे के पुराने पुल के समीप बने एक पुल को भी कमजोर श्रेणी में रखा गया है।

बिहार राज्य पुल निर्माण निगम ने रिपोर्ट मिलने के बाद संबंधित पुलों की मरम्मत और मजबूतीकरण की प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है। इसके लिए जल्द ही अलग से टेंडर जारी किए जाएंगे। पथ निर्माण विभाग के सचिव Pankaj Kumar Pal ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि IIT पटना की सिफारिशों का पूरी गंभीरता से पालन किया जाए। खासतौर पर लखीसराय के पुल को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा गया है।
फिलहाल 60 मीटर से अधिक लंबाई वाले पुलों का तकनीकी ऑडिट किया जा रहा है, जबकि छोटे पुलों का रखरखाव रोड मेंटेनेंस पॉलिसी के तहत संबंधित एजेंसियों द्वारा किया जाता है।