राजस्व बढ़ाने की तैयारी: बिहार में लागू होगी नई टोल व्यवस्था, सफर होगा ज्यादा महंगा

Amit Singh
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NEWS PR डेस्क: पटना, 18 मई। बिहार में वाहन चालकों की जेब पर जल्द ही अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। राज्य सरकार नई टोल नीति तैयार कर रही है, जिसके लागू होने के बाद सड़कों के साथ-साथ बड़े पुलों पर सफर करना भी महंगा हो जाएगा। पथ निर्माण विभाग को इस दिशा में नई व्यवस्था तैयार करने का जिम्मा सौंपा गया है और अधिकारी ड्राफ्ट तैयार करने में जुट गए हैं।

सरकार का कहना है कि नई टोल नीति का उद्देश्य राज्य का राजस्व बढ़ाना है। इस राशि का इस्तेमाल सड़कों और पुलों के रखरखाव, मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में किया जाएगा। विभागीय अधिकारियों को जल्द से जल्द प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रस्तावित नीति के तहत पुलों पर टोल टैक्स की दरें सामान्य सड़कों की तुलना में अधिक हो सकती हैं। जानकारी के अनुसार, पुल की एक किलोमीटर लंबाई को साधारण सड़क के 10 किलोमीटर के बराबर माना जाएगा। इसका मतलब यह हुआ कि सड़क पर 10 किलोमीटर चलने जितना टोल अब पुल पर केवल एक किलोमीटर की दूरी तय करने पर देना पड़ सकता है।

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इतना ही नहीं, पुल तक पहुंचने वाली अप्रोच रोड पर भी अलग से शुल्क वसूले जाने की तैयारी है। इससे लंबी दूरी तय करने वाले यात्रियों और मालवाहक वाहनों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

पथ निर्माण विभाग का तर्क है कि बिहार में तेजी से बढ़ रहे बड़े पुलों और स्टेट हाईवे नेटवर्क के रखरखाव के लिए भारी बजट की आवश्यकता पड़ती है। ऐसे में नई टोल नीति से मिलने वाला राजस्व इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने में मदद करेगा।

हालांकि फिलहाल यह प्रस्ताव प्रारंभिक चरण में है और इसकी ड्राफ्टिंग प्रक्रिया जारी है। माना जा रहा है कि अगले एक महीने के भीतर “बिहार सड़क उपयोगकर्ता शुल्क (दर निर्धारण एवं संग्रह)” नीति को अंतिम रूप दिया जा सकता है। इसके बाद टोल वसूली के लिए एजेंसियों का चयन किया जाएगा।

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