बिहार सरकार ने आगामी श्रावणी मेला-2026 की तैयारियों को लेकर तैयारियों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित ‘संवाद’ सभागार में आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने की। बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के जिलाधिकारी और वरीय पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक भी शामिल हुए और तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने श्रावणी मेला-2026 की तैयारियों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, विधि-व्यवस्था, पेयजल, शौचालय, स्नानागार, साफ-सफाई, निर्बाध विद्युत आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवाएं, टेंट एवं पंडाल व्यवस्था, जलापूर्ति, सीसीटीवी निगरानी और अग्निशमन व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी साझा की।

बैठक में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर, आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल, नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार, कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल, पर्यटन विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह, पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल, स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि, ऊर्जा विभाग के सचिव अजय यादव, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव दीपक आनंद, जल संसाधन तथा सूचना एवं जन-सम्पर्क विभाग के सचिव डॉ० चन्द्रशेखर सिह, डेयरी, मत्स्य एवं पशुपालन विभाग के सचिव शीर्षत कपिल अशोक, परिवहन विभाग के सचिव राजकुमार, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के सचिव राजेश कुमार ने अपने-अपने विभागों द्वारा श्रावणी मेला-2026 की तैयारियों के संबंध में प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी। अपर पुलिस महानिदेशक लॉ एण्ड ऑर्डर सुधांशु कुमार ने विधि व्यवस्था और सुरक्षा की तैयारियों को लेकर बैठक में जानकारी दी।

श्रावणी मेला की तैयारी अच्छे ढंग से करें
समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुये कहा कि सभी जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक श्रावणी मेला की तैयारी अच्छे ढंग से करें। इसकी व्यवस्था के संबंध में एक विस्तृत प्रतिवेदन तैयार करें। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधाओं और सुरक्षा को लेकर क्या-क्या करने की जरूरत है। श्रद्धालुओं की भीड़ को व्यवस्थित कैसे रखा जाय, इन सब बिन्दुओं पर कार्य योजना बनायें।
कांवरियों को किसी प्रकार की कठिनाई न हो
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवरियों को किसी प्रकार की कठिनाई न हो, यह सुनिश्चित करें। पैदल पथ व्यवस्थित और सुविधाजनक बनायें। शौचालय, साफ-सफाई और पेयजल की बेहतर सुविधा रखें। कांवरिया पथ पर बने प्रमुख विश्राम स्थलों के पास स्वास्थ्य सुविधायें उपलब्ध रखें। कांवरिया स्थलों पर चिकित्सा की एमरजेंसी सुविधा भी उपलब्ध रखें, ताकि कांवरियों को स्वास्थ्य संबंधी समस्या आने पर उनका त्वरित इलाज हो सके। उन्होंने कहा कि कहीं भी बिजली का नंगा तार न रहे, बिजली की निर्बाध आपूर्ति हो। राज्य के शिवालयों में जल चढ़ाने के दौरान भीड़ को नियंत्रित और व्यवस्थित रखना सुनिश्चित करें। श्रद्धालुओं की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखें।
बैठक में उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उप मुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ० दिलीप कुमार जायसवाल, स्वास्थ्य मंत्री निशांत, नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा, आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सादा, पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेन्द्र, डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन मंत्री नंद किशोर राम, बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ० उदय कांत, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार, संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव/ प्रधान सचिव/सचिव, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी डॉ० गोपाल सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह सहित अन्य वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे, जबकि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के जिलाधिकारी, वरीय पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक जुड़े हुए थे।