मन की बात में पीएम मोदी की अपील, हीटवेव से बचाव के लिए सुझाए देसी पेय और घरेलू तरीके

Amit Singh

NEWS PR डेस्क: नई दिल्ली, 31 मई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में देशवासियों को भीषण गर्मी से बचाव के लिए सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने लोगों से पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, तेज धूप से बचने और सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के अधिकांश हिस्सों में इस समय तेज गर्मी पड़ रही है और ऐसे मौसम में स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में गर्मी से राहत पाने के कई प्राकृतिक और घरेलू उपाय मौजूद हैं, जिनका लोग पीढ़ियों से उपयोग करते आ रहे हैं।

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने देश के विभिन्न राज्यों में प्रचलित पारंपरिक पेयों का भी जिक्र किया। उन्होंने उत्तर भारत के आम पन्ना, पंजाब-हरियाणा की लस्सी, राजस्थान और गुजरात की छाछ, बिहार-झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश के सत्तू शरबत, कोंकण और गोवा के कोकम शरबत एवं सोल कढ़ी, दक्षिण भारत के पानकम, नीर मोर और सम्बारम तथा ओडिशा के बेल पना का उल्लेख करते हुए कहा कि ये पेय केवल स्वाद ही नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपरा की भी पहचान हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इन पारंपरिक पेयों में ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की भावना झलकती है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि अधिकांश देसी पेय हमारी रसोई और खेत-खलिहानों से जुड़े हुए हैं तथा इनमें पीढ़ियों का अनुभव समाहित है।

गर्मी के मौसम और आम के बीच के विशेष संबंध का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने देश के विभिन्न हिस्सों में पैदा होने वाली आम की प्रसिद्ध किस्मों की चर्चा की। उन्होंने महाराष्ट्र और कोंकण के हापुस (अल्फांसो), गुजरात के केसर, उत्तर प्रदेश के दशहरी और लंगड़ा, बिहार के जर्दालू, चौसा और मालदा सहित दक्षिण भारत के बंगनपल्ली, तोतापुरी, नीलम, मलगोवा, पश्चिम बंगाल के हिमसागर तथा ओडिशा और आंध्र प्रदेश के सुवर्णरेखा आम का जिक्र किया।

पीएम मोदी ने कहा कि भारत में हर क्षेत्र का आम अपने अलग स्वाद, रंग और खुशबू के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा कि भारतीय आम अब गांवों और स्थानीय बाजारों से निकलकर वैश्विक बाजारों में भी अपनी पहचान बना रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने आम उत्पादन से जुड़े किसानों की सराहना करते हुए कहा कि वे देश की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने किसानों के योगदान की प्रशंसा करते हुए उन्हें इसी तरह आगे बढ़ते रहने के लिए प्रोत्साहित किया।

Share This Article