राजधानी पटना के ऐतिहासिक बांस घाट पर बने अत्याधुनिक हाईटेक श्मशान घाट में आज से अंत्येष्टि सेवाएं औपचारिक रूप से शुरू हो जाएंगी। आधुनिक सुविधाओं से लैस इस परिसर में एक साथ 18 अंत्येष्टि की व्यवस्था की गई है, जिससे नागरिकों को बेहतर और सम्मानजनक अंतिम संस्कार सेवाएं मिल सकेंगी।

इस नए श्मशान घाट में 4 विद्युत शवदाह गृह, 6 लकड़ी आधारित शवदाह स्थल और 8 पारंपरिक अंत्येष्टि स्थल विकसित किए गए हैं। अंत्येष्टि सेवा के लिए दान एवं सहयोग राशि 3500 रुपये निर्धारित की गई है। वहीं, यदि कोई परिवार लकड़ी आधारित या खुले में दाह संस्कार का विकल्प चुनता है, तो लकड़ी की लागत अलग से वहन करनी होगी।

89.40 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ परिसर
पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा विकसित यह हाईटेक श्मशान घाट लगभग 4.5 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। इसके निर्माण पर 89.40 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। यह परिसर पुराने श्मशान घाट की तुलना में लगभग तीन गुना बड़ा है। पूर्व का श्मशान घाट केवल 1.24 एकड़ क्षेत्र में स्थित था।
श्मशान घाट के संचालन और प्रबंधन की जिम्मेदारी ईशा आउटरीच संस्था को सौंपी गई है। परिसर में श्रद्धांजलि और पूजा-अर्चना के लिए विशेष प्रार्थना स्थल, प्रतीक्षालय, स्वच्छ पेयजल, आधुनिक शौचालय, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, पार्किंग और अन्य नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
मोक्ष द्वार पर मिलेगी अंत्येष्टि सामग्री
परिजनों की सुविधा के लिए मोक्ष द्वार के समीप अंत्येष्टि से जुड़ी सभी आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। यहां कपड़ा, राम नाम पट्टी, धोती, घी, चंदन की लकड़ी, देवदार, अगरबत्ती, कपूर, गुलाब जल, पंचमेवा, साड़ी, जौ, हवन सामग्री समेत करीब 45 प्रकार की वस्तुएं एक ही स्थान पर उपलब्ध रहेंगी।
बुकिंग की भी होगी सुविधा
नागरिकों को बेहतर सुविधा देने के लिए अंत्येष्टि सेवा की अग्रिम बुकिंग व्यवस्था भी शुरू की गई है। परिजन निर्धारित मोबाइल नंबर पर संपर्क कर या ई-मेल [email protected] के माध्यम से बुकिंग और अन्य आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा परिसर में स्थापित सहायता केंद्र पर भी मार्गदर्शन और सहयोग उपलब्ध रहेगा। नई व्यवस्था के शुरू होने से पटना और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को अंतिम संस्कार से जुड़ी आधुनिक, व्यवस्थित और सम्मानजनक सुविधाएं एक ही परिसर में मिल सकेंगी।