भागलपुर जिले के सबौर प्रखंड अंतर्गत रजंदीपुर पंचायत के वार्ड संख्या 7 में मुख्यमंत्री नल-जल योजना पूरी तरह से ठप पड़ गई है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों को गंभीर पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। घर-घर स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के सरकारी दावों के बीच जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर पेश कर रही है।

कई दिनों से बंद पड़ी जलापूर्ति
ग्रामीणों के अनुसार, वार्ड में नल-जल योजना के तहत पानी की आपूर्ति पिछले कई दिनों से बाधित है। इसके कारण सैकड़ों परिवारों को पीने के पानी के लिए दूर-दराज के चापाकलों और अन्य जल स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान के बीच सबसे अधिक परेशानी महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को हो रही है, जिन्हें रोजाना पानी लाने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है।
शिकायत के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस समस्या को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागीय अधिकारियों को जानकारी दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। ग्रामीणों में इस लापरवाही को लेकर नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है।ग्रामीणों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के कारण समस्या और गंभीर होती जा रही है। लोगों का आरोप है कि न तो समय पर सुनवाई हो रही है और न ही जल आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त करने की कोई पहल दिखाई दे रही है।

आंदोलन की चेतावनी
पेयजल संकट से परेशान ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही नल-जल योजना को बहाल नहीं किया गया, तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
प्रशासनिक दावों पर सवाल
गर्मी के इस मौसम में जल संकट ने जहां लोगों की परेशानी बढ़ा दी है, वहीं सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत भी उजागर कर दी है। ग्रामीणों का कहना है कि योजना के क्रियान्वयन में लापरवाही के कारण आम जनता को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। भागलपुर से श्यामानंद सिंह की रिपोर्ट