8 बार के विधायक रामेश्वर पासवान नहीं रहे, बिहार की सियासत में शोक की लहर

Amit Singh

NEWS PR डेस्क: पटना/जमुई, 29 अप्रैल। सिकंदरा विधानसभा क्षेत्र की राजनीति के वरिष्ठ और प्रभावशाली नेता रामेश्वर पासवान का बुधवार सुबह हृदयाघात से निधन हो गया। 92 वर्षीय पासवान ने पटना स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। उनके निधन से बिहार की राजनीति में एक युग का अंत माना जा रहा है।

रामेश्वर पासवान सिकंदरा विधानसभा क्षेत्र से 8 बार विधायक चुने गए थे। उपलब्ध राजनीतिक जानकारी के अनुसार, उन्होंने 1972, 1977, 1980, 1985, 1990, 1995, 2000 और 2005 में जनता के भारी समर्थन से विधानसभा में प्रवेश किया था।

परिजनों के अनुसार, वे रोज की तरह अपने दैनिक कार्यों के बाद विश्राम कर रहे थे, तभी अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। स्थिति संभल पाती, उससे पहले ही उनका निधन हो गया। उनके बड़े पुत्र जय प्रकाश पासवान ने बताया कि गुरुवार को जमुई जिले के पैतृक गांव नौआडीह में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।

रामेश्वर पासवान 8 बार सिकंदरा से विधायक चुने गए थे और उन्होंने बिहार सरकार में समाज कल्याण मंत्री तथा लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी निभाई। उनका राजनीतिक जीवन गरीबों, किसानों और वंचित तबकों के हितों के लिए समर्पित रहा। वे अपनी सादगी, सौम्यता और सहज व्यवहार के लिए जाने जाते थे, जिसने उन्हें हर वर्ग में लोकप्रिय बनाया। उनके निधन की खबर मिलते ही सिकंदरा, जमुई और पटना सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।

विभिन्न दलों के नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। कई स्थानों पर शोक सभाएं आयोजित कर उनके योगदान को याद किया गया। नेताओं ने कहा कि रामेश्वर पासवान हमेशा समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध रहे।
उनके निधन को क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति बताते हुए लोगों ने कहा कि उनकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी।

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