NEWS PR डेस्क: पटना, 09 जून। बिहार सरकार ने राज्य में खनिज परिवहन व्यवस्था को पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। खान एवं भूतत्व विभाग ने इंटर स्टेट ट्रांजिट पास (ISTP) पोर्टल लॉन्च कर दिया है। इस नई डिजिटल व्यवस्था के जरिए अब दूसरे राज्यों से बिहार में आने वाले लघु खनिजों के परिवहन की ऑनलाइन निगरानी की जाएगी। यह व्यवस्था 10 जून 2026 से पूरे राज्य में प्रभावी हो जाएगी।
खान एवं भूतत्व मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने इस पोर्टल को लॉन्च करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य खनिजों के आयात, परिवहन और उपयोग की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और राजस्वोन्मुख बनाना है। विभाग का मानना है कि नई व्यवस्था से अवैध खनन और अवैध परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण लगाने में मदद मिलेगी।
बिहार खनिज (समानुदान, अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण निवारण) नियमावली, 2019 के तहत लागू इस व्यवस्था के अनुसार अब अन्य राज्यों से बालू, पत्थर, स्टोन चिप्स, मोरम और स्टोन डस्ट सहित अन्य लघु खनिज लेकर बिहार में प्रवेश करने वाले सभी वाहनों को राज्य सीमा में प्रवेश से पहले ISTP पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। पंजीकरण के बाद ही ट्रांजिट पास जारी किया जाएगा।

हालांकि यह व्यवस्था फिलहाल कोयला, फ्लाई ऐश और अन्य वृहद खनिजों के परिवहन पर लागू नहीं होगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अभी यह प्रणाली सड़क मार्ग से आने वाले वाहनों पर लागू की गई है, लेकिन जल्द ही रेलवे के माध्यम से होने वाले लघु खनिज परिवहन को भी इस पोर्टल से जोड़ा जाएगा।
विभाग द्वारा निर्धारित शुल्क के अनुसार, जिन चालानों में खनिज की मात्रा वजन के आधार पर दर्ज होगी, उनके लिए 60 रुपये प्रति मीट्रिक टन की दर से शुल्क लिया जाएगा। वहीं आयतन के आधार पर दर्ज खनिजों के लिए 85 रुपये प्रति घनमीटर शुल्क निर्धारित किया गया है।
सरकार का दावा है कि ISTP पोर्टल लागू होने से खनिज परिवहन प्रणाली अधिक व्यवस्थित होगी, राजस्व संग्रह में बढ़ोतरी होगी और अवैध कारोबार पर लगाम लगाने में सफलता मिलेगी।
