NEWS PR डेस्क: पटना, 10 जून। बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने राज्य में किसानों को गुणवत्तायुक्त एवं प्रमाणित बीज उपलब्ध कराने को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए अमानक (सब-स्टैंडर्ड) बीज बेचने वाली कंपनियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पिछले तीन वर्षों में अमानक पाए गए बीजों और संबंधित कंपनियों पर की गई कार्रवाई का विस्तृत विवरण विभागीय अधिकारियों से तलब किया है।
बुधवार को मीठापुर स्थित कृषि भवन में आयोजित बीज विश्लेषण तथा राजकीय बीज गुणन प्रक्षेत्रों की समीक्षा बैठक में कृषि मंत्री ने अधिकारियों के साथ राज्य की बीज गुणवत्ता व्यवस्था, परीक्षण सुविधाओं और बीज उत्पादन प्रणाली की व्यापक समीक्षा की।
बैठक में कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने और कृषि उत्पादन में सुधार के लिए गुणवत्तापूर्ण बीज की उपलब्धता सबसे महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बीज गुणवत्ता के मामले में किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और किसानों के हितों की रक्षा के लिए दोषी कंपनियों पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

बीज विश्लेषण प्रयोगशालाओं के विस्तार पर जोर
समीक्षा के दौरान मंत्री ने राज्य में बीज विश्लेषण प्रयोगशालाओं की स्थापना एवं सुदृढ़ीकरण की प्रक्रिया को तेज करने का निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि बिहार सरकार द्वारा 31 जिला स्तरीय बीज विश्लेषण प्रयोगशालाओं की स्थापना को पहले ही स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। इन प्रयोगशालाओं के संचालन और आधुनिकीकरण की योजना वर्तमान में प्रक्रियाधीन है।
उन्होंने अधिकारियों से यह भी जानकारी मांगी कि राज्य में बीज विश्लेषण प्रयोगशालाओं की स्थापना किस वित्तीय वर्ष में प्रारंभ हुई थी तथा अब तक इनके विस्तार और कार्यान्वयन की क्या स्थिति है।
तीन वर्षों के अमानक बीजों का मांगा गया पूरा रिकॉर्ड
कृषि मंत्री ने कहा कि प्रत्येक वर्ष किसानों की ओर से बाजार में बिक रहे अमानक बीजों की शिकायतें प्राप्त होती हैं। ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि पिछले तीन वर्षों के दौरान जांच में अमानक पाए गए बीजों की सूची तथा संबंधित कंपनियों के विरुद्ध की गई कार्रवाई का विस्तृत प्रतिवेदन उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने कहा कि यदि बाजार में विक्रय किए जा रहे किसी भी बीज में गुणवत्ता संबंधी कमी पाई जाती है तो संबंधित कंपनियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए, ताकि किसानों को आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके।
आधार और प्रमाणित बीज उत्पादन श्रृंखला को मजबूत करने के निर्देश
बैठक में राजकीय बीज गुणन प्रक्षेत्रों की गतिविधियों की भी समीक्षा की गई। कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मौसम और फसल चक्र के अनुरूप आधार (फाउंडेशन) बीज उत्पादन को बढ़ावा दिया जाए। साथ ही बिहार राज्य बीज निगम के माध्यम से आधार बीज से प्रमाणित (सर्टिफाइड) बीज उत्पादन की पूरी श्रृंखला को और अधिक मजबूत बनाया जाए।
उन्होंने कहा कि किसानों को समय पर पर्याप्त मात्रा में गुणवत्तायुक्त बीज उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए बीज उत्पादन, भंडारण, परीक्षण और वितरण की पूरी व्यवस्था को प्रभावी एवं पारदर्शी बनाया जाना आवश्यक है।
किसानों के हित सर्वोपरि
कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को बेहतर गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बीज उत्पादन और वितरण से जुड़े सभी कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं, ताकि किसानों को बुवाई के मौसम में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने दोहराया कि गुणवत्तायुक्त बीज कृषि उत्पादकता बढ़ाने का मूल आधार है और सरकार इस दिशा में हर आवश्यक कदम उठाएगी।
