NEWS PR डेस्क: नई दिल्ली, 10 जून। बिहार में हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ‘जल जीवन मिशन 2.0’ के तहत भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय और बिहार सरकार के लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) के बीच बुधवार को नई दिल्ली में समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।
इस अवसर पर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल, केंद्रीय राज्यमंत्री राजभूषण चौधरी, बिहार के लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री संजय कुमार सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। समारोह में बिहार सरकार की ओर से राज्य में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।
कार्यक्रम के दौरान बिहार के लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री संजय कुमार सिंह ने राज्य की विशेष भौगोलिक और जल संबंधी चुनौतियों का उल्लेख करते हुए केंद्र सरकार से ₹18,894 करोड़ की विशेष केंद्रीय सहायता प्रदान करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि बिहार के कई क्षेत्रों में भूजल स्तर में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है, जबकि अनेक जिले आर्सेनिक और फ्लोराइड युक्त पेयजल की समस्या से प्रभावित हैं। इसके अलावा अब भी कुछ ऐसे टोले और बस्तियां हैं, जहां शत-प्रतिशत पेयजल आच्छादन सुनिश्चित किया जाना बाकी है।

मंत्री ने कहा कि प्रस्तावित राशि से राज्य में सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने, जल गुणवत्ता से जुड़ी समस्याओं का समाधान करने तथा जल जीवन मिशन के दायरे से छूटे हुए क्षेत्रों को कवर करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार बिहार की आवश्यकताओं को प्राथमिकता देगी और राज्य को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य के समन्वित प्रयासों से बिहार पेयजल प्रबंधन और जल आपूर्ति के क्षेत्र में देश के लिए एक आदर्श मॉडल बन सकता है।
जल जीवन मिशन 2.0 के तहत हुए इस समझौते को बिहार में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि राज्य के प्रत्येक नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण पेयजल पहुंचाकर ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को साकार करने में बिहार अग्रणी भूमिका निभाए।
