NEWS PR डेस्क, भागलपुर: बिहार पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े करने वाला एक मामला नवगछिया पुलिस जिला के रंगरा थाना क्षेत्र से सामने आया है। एक ट्रक चालक ने पुलिस गश्ती दल पर अवैध वसूली, ब्लैकमेलिंग और धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक दरोगा को निलंबित कर दिया है, जबकि ड्यूटी पर तैनात तीन होमगार्ड जवानों को भी हटाया गया है।

ट्रक चालक ने लगाए गंभीर आरोप
जानकारी के अनुसार, हरियाणा निवासी ट्रक चालक सुरेंद्र यादव अपने वाहन से नवगछिया की ओर जा रहे थे। चालक का आरोप है कि रात के समय रंगरा थाना क्षेत्र में पुलिस गश्ती टीम ने उनके ट्रक को रोक लिया और उनसे पैसे की मांग की। चालक के मुताबिक, जब उन्होंने पैसे देने से इनकार किया तो उन्हें डराने के लिए दुर्घटना और शव से जुड़े मामले में फंसाने की बात कही गई। उन्होंने आरोप लगाया कि बाद में एक युवती को मौके पर लाकर उनके साथ वीडियो बनाया गया और बदनाम करने तथा झूठे मामले में जेल भेजने की धमकी देकर पैसे मांगे गए।
₹30 हजार से शुरू हुई कथित सौदेबाजी
ट्रक चालक का दावा है कि कथित रूप से पहले 30 हजार रुपये की मांग की गई। बाद में बातचीत 18,500 रुपये पर तय हुई। चालक के अनुसार, उन्हें एक पेट्रोल पंप पर ले जाकर ऑनलाइन भुगतान करने को कहा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि भुगतान नहीं हो पाने पर उनके मोबाइल का बैलेंस चेक किया गया और उनके पास मौजूद 18,300 रुपये ले लिए गए। साथ ही 300 रुपये का डीजल भी पुलिस वाहन में भरवाया गया।
शिकायत पहुंची एसपी तक, तुरंत हुई कार्रवाई
मामले की शिकायत सीधे नवगछिया के पुलिस अधीक्षक (एसपी) वैभव शर्मा तक पहुंची। शिकायत की प्रारंभिक जांच के बाद एसपी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रंगरा थाना में पदस्थापित दरोगा धर्मेंद्र कुमार को निलंबित कर दिया। इसके अलावा ड्यूटी पर मौजूद तीन होमगार्ड जवानों को छह महीने के लिए हटाने का आदेश दिया गया। मामले में शामिल एक निजी चालक के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की गई है।
विभाग ने दिया सख्त संदेश
इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग ने स्पष्ट संकेत दिया है कि वर्दी की आड़ में किसी भी प्रकार की अनुचित गतिविधि या मनमानी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभागीय स्तर पर मामले की आगे भी जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। भागलपुर से श्यामानंद सिंह की रिपोर्ट
