नगर निकायों में अनियमितता पर सख्त हुए मंत्री नीतीश मिश्रा, लंबित फाइलों और भ्रष्टाचार पर कार्रवाई के निर्देश

नगर विकास विभाग की समीक्षा बैठक: पारदर्शिता और जवाबदेही पर मंत्री का जोर

Rashmi Tiwari

NEWS PR डेस्क: नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री नीतीश मिश्रा ने सोमवार को विभाग के आरोप एवं निगरानी प्रकोष्ठ तथा नगरपालिका प्रशासन से संबंधित कार्यों की समीक्षा बैठक की। बैठक में विभागीय कार्यों की प्रगति, लंबित मामलों, अनुशासनिक कार्रवाई तथा शहरी निकायों की कार्यप्रणाली की विस्तृत समीक्षा की गई।

समीक्षा के दौरान मंत्री नीतीश मिश्रा ने निर्देश दिया कि गंभीर प्रकृति के आरोपों वाले अधिकारियों एवं कर्मियों को चिन्हित कर नियमानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने आगे कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा किसी भी स्तर पर अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

नीतीश मिश्रा ने लंबित मामलों पर ध्यान आकृष्ट करते हुए स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी स्तर पर फाइलों की अनावश्यक पेंडेंसी नहीं रखी जाए। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों के पास फाइलें अत्यधिक दिनों तक लंबित रहती हैं, उन्हें भी चिन्हित किया जाए तथा उनके विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाए।

नीतीश मिश्रा ने कहा कि स्‍टेट क्वालिटी मॉनिटर (SQM) प्रणाली के माध्यम से नगर निगम क्षेत्र में संचालित विकास योजनाओं एवं आधारभूत संरचना परियोजनाओं की गुणवत्ता की स्वतंत्र मूल्यांकन किया जाएगा, जिससे निर्माण कार्यों में निर्धारित मानकों का अनुपालन, पारदर्शिता तथा जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।
बैठक में मंत्री ने आपदा प्रबंधन एवं शहरी क्षेत्रों की तैयारी पर विशेष बल दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि संभावित आपदाओं एवं आपात परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक नगर निगम को अत्याधुनिक मशीनों एवं आवश्यक संसाधनों से सशक्त बनाया जाए, ताकि किसी भी चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

नीतीश मिश्रा ने कहा कि नगर निगम स्तर पर आपदा जोखिम न्यूनीकरण (Disaster Risk Reduction-DRR) को सुदृढ़ करना समय की आवश्यकता है। इसके लिए जल-जमाव एवं बाढ़ प्रबंधन, नालों की नियमित सफाई, भवन निर्माण नियमावली का अनुपालन, अग्नि सुरक्षा उपायों का सशक्तीकरण, आपदा पूर्व चेतावनी तंत्र का विकास तथा वार्ड स्तर पर जन-जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि इन उपायों से शहरी क्षेत्रों में आपदाओं के प्रभाव को कम करते हुए नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी तथा शहरों को अधिक सुरक्षित, सक्षम एवं आपदा-प्रतिरोधी बनाया जा सकेगा।

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