NEWS PR डेस्क:गया जिले के बोधगया प्रखंड अंतर्गत अमवा गांव स्थित राजविला भवन में एक बार फिर सफलता का डंका बजा है। राजविला के मालिक रामानन्द दास उर्फ पहलवान भैया एवं उनकी पत्नी राजकुमारी देवी के पुत्र मृत्युंजय राज उर्फ राजा बाबू ने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की प्रतियोगिता परीक्षा में शानदार सफलता हासिल करते हुए एससी वर्ग में 87वीं तथा सामान्य श्रेणी में 2569वीं रैंक प्राप्त की है। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने स्टेट असिस्टेंट सेल टैक्स कमिश्नर का प्रतिष्ठित पद हासिल कर परिवार, गांव और जिले का नाम रोशन किया है।

मृत्युंजय राज की सफलता से पूरे अमवा गांव सहित बोधगया क्षेत्र में खुशी का माहौल है। परिवार के लोगों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
शिक्षा और सफलता का प्रेरणादायक परिवार
रामानन्द दास और राजकुमारी देवी का परिवार शिक्षा एवं उपलब्धियों के लिए क्षेत्र में विशेष पहचान रखता है। उनकी बड़ी पुत्री डॉ. मेधा रानी, दूसरी पुत्री डॉ. आभा रानी, पुत्र भवेश राज उर्फ सन्नी बाबू तथा दामाद डॉ. विवेक कुमार चिकित्सा क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहे हैं और गया सहित विभिन्न अस्पतालों में कार्यरत हैं।
अब परिवार के पुत्र मृत्युंजय राज ने प्रशासनिक सेवा में सफलता प्राप्त कर इस गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाया है। उनकी उपलब्धि युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।
समाज में शिक्षा की अलख
मृत्युंजय राज की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि दृढ़ संकल्प, कठिन परिश्रम और पारिवारिक संस्कारों के बल पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। रामानन्द दास का परिवार वर्षों से शिक्षा को प्राथमिकता देता रहा है और आज उनके बच्चों की उपलब्धियां समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता एवं प्रेरणा का संदेश दे रही हैं।
मूल रूप से जहानाबाद के निवासी
रामानन्द दास मूल रूप से जहानाबाद जिले के घोसी थाना क्षेत्र स्थित मोईउद्दीनपुर गांव के निवासी हैं। वर्तमान में वे अपने परिवार के साथ बोधगया प्रखंड के अमवा गांव में निवास करते हैं। परिवार की लगातार सफलताओं ने उन्हें क्षेत्र के सम्मानित एवं प्रेरणादायक व्यक्तित्वों में शामिल कर दिया है। गया से आशिष कुमार की रिपोर्ट
