NEWS PR डेस्क: पटना। बिहार सरकार की कैबिनेट बैठक में बुधवार को कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि धार्मिक पर्यटन, शिक्षा, सार्वजनिक परिवहन और पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई अहम फैसले लिए गए हैं।
बक्सर के भगवान वामन मंदिर का होगा विकास
कैबिनेट ने बक्सर स्थित केंद्रीय कारा परिसर में अवस्थित भगवान वामन मंदिर के विकास, सौंदर्यीकरण और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर प्रवेश व्यवस्था सुनिश्चित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। मंदिर परिसर के लिए अलग से भूमि चिन्हित कर उसकी चहारदीवारी, सुरक्षा व्यवस्था तथा समुचित विकास कार्य किए जाएंगे।
31 बस स्टैंडों का पीपीपी मॉडल पर होगा आधुनिकीकरण
राज्य के 31 बस स्टैंडों को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर आधुनिक बनाया जाएगा। इस योजना के तहत पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, गया, दरभंगा, पूर्णिया, मुंगेर, कटिहार, सहरसा, नवादा, मधुबनी, किशनगंज सहित विभिन्न जिलों के बस स्टैंडों का विकास किया जाएगा। इन बस स्टैंडों में आधुनिक यात्री प्रतीक्षालय, पार्किंग, व्यावसायिक सुविधाएं, डिजिटल सेवाएं, स्वच्छता और बेहतर यातायात प्रबंधन जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
पांच नए केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना को मंजूरी
कैबिनेट ने राज्य में पांच नए केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना के लिए आवश्यक 5-5 एकड़ सरकारी भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी। प्रस्तावित केंद्रीय विद्यालय इन स्थानों पर स्थापित होंगे— पूर्णिया पूर्व (मौजा–मधुबनी, जिला पूर्णिया,राजगीर (मौजा–पिलखी, जिला नालंदा),शेखपुरा (मौजा–नीमी, जिला शेखपुरा),मधेपुरा (मौजा–साहुगढ़, जिला मधेपुरा) और मधुबनी (अंचल–राजनगर, मौजा–सतिहारपुर, जिला मधुबनी)। इन पाँच नए केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना से बिहार के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक शैक्षणिक संसाधन एवं बेहतर शिक्षण वातावरण उपलब्ध होगा।

बिहार से निकलेगी ‘सोमनाथ यात्रा’
कैबिनेट ने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व- 1000 वर्ष की अटूट आस्था” के पावन अवसर पर 20 जुलाई 2026 से बिहार के लगभग 1100 श्रद्धालुओं के लिए दो दिवसीय ‘सोमनाथ यात्रा’ के आयोजन को भी मंजूरी दी। सरकार के अनुसार यात्रा के सफल एवं सुव्यवस्थित संचालन के लिए आवश्यक स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। इस यात्रा के सफल एवं सुव्यवस्थित आयोजन के लिए बिहार मंत्रिपरिषद की बैठक में स्वीकृति प्रदान की गई है।
सरकार का कहना है कि इन फैसलों से राज्य में धार्मिक पर्यटन, शिक्षा और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को नई गति मिलेगी, साथ ही नागरिकों और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
