NEWS PR डेस्क: पटना, 4 जुलाई। बिहार सरकार ने भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि भारत-नेपाल सीमा पर किसी भी प्रकार की गैरकानूनी, आपराधिक और आर्थिक अपराध से जुड़ी गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाए। उन्होंने कहा कि सीमा पर स्थापित सभी चेकपोस्टों से 15 किलोमीटर की परिधि तक प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जाए तथा आर्थिक अपराधों और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष सतर्कता बरती जाए।
मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित ‘संवाद’ में आयोजित भारत-नेपाल सीमा से जुड़े सुरक्षा, प्रशासनिक एवं विकासात्मक विषयों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने यह निर्देश दिए। बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सीमावर्ती सात जिलों के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक भी शामिल हुए।
सीमा सुरक्षा और विकास कार्यों की हुई समीक्षा
बैठक में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने भारत-नेपाल सीमा प्रबंधन और उससे जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। किशनगंज, मधुबनी और पश्चिम चंपारण के जिलाधिकारियों एवं पुलिस अधीक्षकों ने पूर्व में दिए गए निर्देशों पर हुई कार्रवाई की जानकारी दी तथा अपने सुझाव भी साझा किए।
बैठक में एसएसबी, आईबी, ईडी, एनसीबी, कस्टम्स और आयकर विभाग के अधिकारियों ने भी सीमा क्षेत्र में चल रही कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था पर अपने सुझाव प्रस्तुत किए। इस दौरान सीमा सुरक्षा, सीमा प्रबंधन, साइबर अपराध, नागरिकता संबंधी मामले, लंबित विकास कार्य और आधारभूत संरचना के विकास की समीक्षा की गई।

735 किलोमीटर लंबी सीमा पर रहेगी विशेष नजर
मुख्यमंत्री ने बताया कि बिहार की भारत-नेपाल सीमा की कुल लंबाई 735 किलोमीटर है। इस सीमा से राज्य के 7 जिले, 70 पुलिस थाने और एसएसबी की 194 बीओपी जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि सभी एजेंसियां बेहतर समन्वय के साथ कार्य करें ताकि सीमा क्षेत्र में किसी भी प्रकार की गैरकानूनी गतिविधि न हो।
उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को सतर्क रहने का निर्देश देते हुए कहा कि सीमा क्षेत्र में होने वाली प्रत्येक गतिविधि पर लगातार निगरानी रखी जाए और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उर्वरक और मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने उर्वरक एवं मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए जिला प्रशासन, पुलिस और सीमा सुरक्षा बल के बीच नियमित समन्वय बैठक आयोजित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती जिलों में थाना स्तर पर विशेष टीम गठित कर ऐसे लोगों की पहचान और सत्यापन किया जाए, जिनकी आय में ज्ञात स्रोतों की तुलना में अचानक असामान्य वृद्धि हुई हो। ऐसे मामलों की पूरी जानकारी एकत्र कर विधिसम्मत कार्रवाई की जाए।
किशनगंज में 100 नए उर्दू विद्यालय खोलने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किशनगंज जिले में ऐसे 100 उपयुक्त स्थानों की पहचान की जाए, जहां उर्दू विद्यालय स्थापित किए जा सकें। उन्होंने कहा कि इस दिशा में जल्द कार्रवाई कर प्रस्ताव तैयार किए जाएं।
लंबित कार्यों को तेजी से पूरा करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में सुरक्षा, प्रशासनिक और विकासात्मक कार्यों को लेकर नियमित रूप से केंद्रीय गृह मंत्री, मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव तथा डीजीपी स्तर पर समीक्षा बैठकें हो रही हैं। अब तक लिए गए निर्णयों के अनुरूप कई कार्य पूरे किए जा चुके हैं, जबकि शेष कार्यों को भी समन्वय और प्रतिबद्धता के साथ तेजी से पूरा किया जाए।
बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार, योजना एवं विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव डॉ. एस. सिद्धार्थ, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, गृह विभाग के सचिव कुंदन कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, सहकारिता विभाग के सचिव धर्मेंद्र सिंह, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह, पुलिस महानिदेशक (अभियान) कुंदन कृष्णन, गृह विभाग के विशेष सचिव धनंजय सिंह सहित विभिन्न विभागों एवं एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल, सीमावर्ती जिलों के जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक भी बैठक में शामिल हुए।
