NEWS PR डेस्क: पटना, 9 जुलाई। बिहार में कृषि और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र को नई गति देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राज्य के सभी किसानों को सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक एग्रीकल्चर फीडर के माध्यम से निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि सिंचाई और कृषि कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए।
लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी के साथ बिहार में नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं, ऊर्जा सुरक्षा और स्वच्छ ऊर्जा के विस्तार को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और नई परियोजनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक में भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के सचिव संतोष कुमार सारंगी तथा बिहार सरकार के ऊर्जा विभाग के सचिव अजय यादव ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विभागीय योजनाओं और उनकी प्रगति की जानकारी दी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बिहार के विभिन्न जिलों के जिलाधिकारी भी बैठक से जुड़े।
पीएम सूर्य घर योजना को तेज़ी से लागू करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना’ का प्रभावी और व्यापक क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि पात्र परिवारों को योजना का अधिकतम लाभ दिलाने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए तथा सभी प्रक्रियाओं को सरल और समयबद्ध बनाया जाए। साथ ही जिलाधिकारियों को अपने-अपने जिलों में निर्धारित लक्ष्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए।

पीएम-कुसुम योजना से किसानों को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री ने पीएम-कुसुम योजना के तहत कृषि क्षेत्र के सौरकरण (Solarization of Agriculture) को प्राथमिकता देने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि किसानों को सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध कराने से खेती की लागत घटेगी, ऊर्जा की बचत होगी और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने कहा कि बिहार में फ्लोटिंग सोलर परियोजनाओं की भी अपार संभावनाएं हैं। राज्य के जलाशयों और अन्य उपयुक्त स्थलों का वैज्ञानिक अध्ययन कर नई परियोजनाओं की कार्ययोजना तैयार की जाए, जिससे बिहार स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन में नई उपलब्धियां हासिल कर सके।
ग्रीन हाइड्रोजन नीति बनाने पर सहमति
बैठक में बिहार के लिए ग्रीन हाइड्रोजन नीति तैयार करने की दिशा में आवश्यक पहल शुरू करने पर भी सहमति बनी। मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य की ऊर्जा जरूरतों और औद्योगिक विकास को देखते हुए बिहार को उभरती हुई स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों के लिए अभी से तैयार करना आवश्यक है।
निजी निवेश आकर्षित करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में निजी निवेश बढ़ाने के लिए निवेशकों के अनुकूल और पारदर्शी वातावरण विकसित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बिहार की सौर ऊर्जा क्षमता का वैज्ञानिक आकलन कर उसका अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए तथा उत्पादन, वितरण और ऊर्जा अवसंरचना को मजबूत बनाया जाए।
किसानों को दिन में बिजली देने पर जोर
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि किसानों को सिंचाई के लिए दिन के समय बिजली उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिया कि सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक एग्रीकल्चर फीडर से नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, जिससे कृषि कार्य सुचारु रूप से संचालित हो सकें।
‘आत्मनिर्भर ऊर्जा’ के लक्ष्य पर काम
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि वर्तमान वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों और जीवाश्म ईंधनों पर बढ़ती निर्भरता को देखते हुए भारत को स्वच्छ एवं आत्मनिर्भर ऊर्जा की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि बिहार में सभी नवीकरणीय ऊर्जा योजनाओं का समयबद्ध और सुव्यवस्थित क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को प्रभावी रूप से साकार किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने बिहार की योजनाओं की समीक्षा की और राज्य को नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया है।
समीक्षा बैठक में केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी, बिहार सरकार के ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के सचिव संतोष कुमार सारंगी, भारत सरकार के संयुक्त सचिव अनुपम कुमार, बिहार सरकार के ऊर्जा विभाग के सचिव अजय यादव, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
