NEWS PR डेस्क: पटना,15 जुलाई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई बिहार मंत्रिपरिषद की बैठक में 25 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट के फैसलों में पंचायतों को कर लगाने का अधिकार देने, मोटर वाहन कर में संशोधन, जेलकर्मियों के मानदेय में बढ़ोतरी और कई शहरी जलापूर्ति एवं सीवरेज परियोजनाओं को स्वीकृति जैसे अहम निर्णय शामिल हैं।
बैठक में ग्राम पंचायत कर दर एवं शुल्क नियमावली-2026 के प्रारूप को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही राज्य की ग्राम पंचायतों को निर्धारित नियमों के तहत विभिन्न प्रकार के कर और शुल्क लगाने का अधिकार मिल गया है।
कैबिनेट ने बिहार मोटर वाहन करारोपण अधिनियम, 1994 में संशोधन को भी मंजूरी दी। नए प्रावधान के तहत दोपहिया वाहनों पर एकमुश्त मोटर वाहन कर में एक प्रतिशत की वृद्धि होगी। वहीं एकमुश्त कर देने वाले तिपहिया वाहनों पर मोटर वाहन कर में एक हजार रुपये की बढ़ोतरी की गई है। इसके अलावा व्यापारिक वाहनों पर लागू व्यापार कर को चार गुना तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।

मंत्रिपरिषद ने वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद क्षेत्रों के परिसीमन को भी स्वीकृति प्रदान की। इसके अलावा पश्चिम चंपारण के थरुहट विकास अभिकरण के माध्यम से संचालित योजनाओं की अवधि 2025-26 से बढ़ाकर 2030-31 तक करने और इसके लिए बजट में प्रावधानित राशि के व्यय को भी मंजूरी दी गई।
जेल प्रशासन से जुड़े फैसलों में अनुबंध पर कार्यरत भूतपूर्व सैनिक सह कक्षपालों का मासिक मानदेय 19,800 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये कर दिया गया है। साथ ही जेल में बंदियों की प्राकृतिक मृत्यु, प्राकृतिक आपदा या अन्य प्राकृतिक कारणों से मृत्यु होने की स्थिति में उनके आश्रितों या निकट परिजनों को मुआवजा देने के लिए नई नीति बनाने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिली।
शहरी आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए केंद्र प्रायोजित अमृत 2.0 मिशन के तहत कई बड़ी परियोजनाओं को प्रशासनिक मंजूरी दी गई। इसके तहत खगड़िया जलापूर्ति परियोजना के लिए 170.86 करोड़ रुपये, सीतामढ़ी जलापूर्ति परियोजना के लिए 197.13 करोड़ रुपये और समस्तीपुर जलापूर्ति परियोजना के लिए 228.45 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। वहीं हाजीपुर सीवरेज नेटवर्क परियोजना के लिए 232.90 करोड़ रुपये की प्रशासनिक मंजूरी भी प्रदान की गई।
