NEWS PR डेस्क: पटना, 21 जुलाई। बिहार विधान परिषद के मानसून सत्र में मंगलवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कई अहम घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि लंबे समय से बंद पड़ी गोपालगंज, सकरी और रैयाम चीनी मिलों को दोबारा शुरू करने की दिशा में सरकार तेजी से काम कर रही है। इसके लिए केंद्र सरकार की एक संस्था के साथ जल्द ही एमओयू किया जाएगा, जिसके बाद तीनों चीनी मिलों का संचालन शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री यह जानकारी विधान पार्षद शशि यादव के अल्पसूचित प्रश्न के उत्तर में दे रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार इन चीनी मिलों को फिर से चालू कर क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
नल-जल योजना की जिम्मेदारी पर होगी समीक्षा
सदन में ‘हर घर नल का जल’ योजना के रखरखाव का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई सदस्यों ने योजना के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी दोबारा वार्ड सदस्यों को सौंपने की मांग की। सदस्यों का कहना था कि स्थानीय प्रतिनिधि क्षेत्र की जरूरतों को बेहतर तरीके से समझते हैं, जबकि बाहरी एजेंसियों के लिए यह कार्य प्रभावी ढंग से करना कठिन होता है।

इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि पंचायती राज विभाग और लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) के साथ संयुक्त बैठक कर इस विषय पर निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सदस्यों के सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
सूखे नशे के मुद्दे पर सदन में तीखी बहस
विधान परिषद में सूखे नशे के बढ़ते प्रचलन का मुद्दा भी गूंजा। राजद के विधान पार्षद सुनील कुमार सिंह ने राज्य में गांजा, अफीम और हेरोइन जैसे नशीले पदार्थों के बढ़ते इस्तेमाल पर चिंता जताई। उनके बयान के दौरान धार्मिक स्थलों का जिक्र किए जाने पर सत्ता पक्ष के सदस्यों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया, जिससे सदन में कुछ देर के लिए तीखी नोकझोंक की स्थिति बन गई।
