NEWS PR डेस्क: भागलपुर में गंगा की बाढ़ का असर अब खेतों और गांवों से निकलकर सीधे लोगों की रसोई तक पहुंच गया है। दियारा इलाके में बाढ़ का पानी घुसने से बड़े पैमाने पर सब्जियों की फसल बर्बाद हो गई है। इसका असर सब्जी मंडियों में साफ दिखाई दे रहा है। स्थानीय स्तर पर सब्जियों की आवक कम होने के कारण कीमतों में तेजी आ गई है।
दियारा में फसल बर्बाद, घट गई लोकल सब्जियों की आवक
बाढ़ के पानी ने दियारा क्षेत्र में सब्जी की खेती को भारी नुकसान पहुंचाया है। खेतों में पानी भरने से कई किसानों की तैयार फसल बर्बाद हो गई। इसका सीधा असर भागलपुर की सब्जी मंडियों पर पड़ा है। पहले दियारा इलाके से बड़ी मात्रा में लोकल सब्जियां मंडियों में पहुंचती थीं, लेकिन बाढ़ के कारण अब इनकी आपूर्ति काफी प्रभावित हो गई है।
लौकी, परवल और भिंडी समेत कई सब्जियां महंगी
स्थानीय सब्जियों की आवक कम होने के बाद भागलपुर की मंडियों में लौकी, परवल और भिंडी समेत कई सब्जियों के दाम तेजी से बढ़ गए हैं। सब्जियों की कीमतों में अचानक आई बढ़ोतरी से आम लोगों के घरेलू बजट पर भी असर पड़ने लगा है। रोजमर्रा की जरूरत की सब्जियां खरीदने के लिए लोगों को अब पहले की तुलना में ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं।

बाहर से मंगानी पड़ रही सब्जियां
दियारा क्षेत्र से लोकल सब्जियों की आपूर्ति प्रभावित होने के बाद कारोबारियों को अब बाहर से सब्जियां मंगानी पड़ रही हैं। इससे परिवहन और आपूर्ति का खर्च बढ़ रहा है, जिसका असर बाजार की कीमतों पर भी दिखाई दे रहा है। मंडी में सब्जियों की उपलब्धता बनाए रखने के लिए व्यापारी दूसरे इलाकों से माल मंगाने पर निर्भर हो गए हैं।
बाढ़ का असर अब आम लोगों की थाली पर
बाढ़ का संकट अब सिर्फ खेतों और गांवों तक सीमित नहीं रह गया है। पानी बढ़ने के साथ खेती प्रभावित हुई और अब इसका असर बाजार और आम लोगों की रसोई पर भी पड़ रहा है। सब्जियों के बढ़ते दामों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में अगर बाढ़ का असर कम नहीं हुआ और स्थानीय सब्जियों की आवक सामान्य नहीं हुई, तो कीमतों में और बढ़ोतरी की आशंका बनी रह सकती है।
सब्जी विक्रेता जावेद के मुताबिक, बाढ़ के कारण लोकल सब्जियों की आवक कम हुई है। इसी वजह से मंडी में कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है।
भागलपुर से रिपोर्टर: श्यामानंद सिंह