NEWS PR डेस्क: नई दिल्ली, 22 जुलाई 2026: केंद्र सरकार ने देश में नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी और मादक द्रव्यों के दुरुपयोग पर प्रभावी नियंत्रण के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में बताया कि सरकार कानून प्रवर्तन, अंतरराष्ट्रीय सहयोग, वित्तीय जांच और संस्थागत क्षमता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दे रही है।
सरकार के अनुसार, मादक पदार्थ नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी), राज्य पुलिस और अन्य प्रवर्तन एजेंसियां एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के तहत तस्करी, उत्पादन और वितरण पर लगातार कार्रवाई कर रही हैं। इन प्रयासों से मादक पदार्थों की बड़ी मात्रा में जब्ती, मामलों का पंजीकरण, गिरफ्तारियां, अवैध खेती पर रोक और वित्तीय जांच में उल्लेखनीय सफलता मिली है।
अवैध तस्करी और नशे की समस्या से निपटने के लिए सरकार ने 26 जून 2026 को ‘मादक पदार्थ नियंत्रण विज़न दस्तावेज़ (2026–2029)’ जारी किया है। इसमें “संपूर्ण सरकार” और “संपूर्ण समाज” की भागीदारी के साथ अगले तीन वर्षों के लिए स्पष्ट लक्ष्य और कार्ययोजना तय की गई है।

सरकार ने बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के लिए चार-स्तरीय नार्को-समन्वय केंद्र (NCORD) तंत्र स्थापित किया है। वहीं, नार्को-आतंकवाद सहित बड़े मामलों की निगरानी के लिए एनसीबी महानिदेशक की अध्यक्षता में संयुक्त समन्वय समिति (JCC) का गठन किया गया है।
राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के पुलिस महानिदेशकों को सिंथेटिक ड्रग्स, विशेषकर मेफेड्रोन और एटीएस के अवैध निर्माण से जुड़े संकेतों के बारे में पुलिस अधिकारियों को प्रशिक्षित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही अपराध से अर्जित संपत्तियों की पहचान, जब्ती और कुर्की के लिए वित्तीय जांच संबंधी विस्तृत दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं।
सरकार कानून प्रवर्तन एजेंसियों की क्षमता बढ़ाने के लिए नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर रही है। एनसीबी, अमेरिकी डीईए के सहयोग से गुप्त प्रयोगशालाओं की जांच और रासायनिक पदार्थों के दुरुपयोग पर विशेष प्रशिक्षण भी दे रहा है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत म्यांमार, नेपाल, थाईलैंड, श्रीलंका, इंडोनेशिया, सिंगापुर और अमेरिका सहित कई देशों के साथ मादक पदार्थों से जुड़े मामलों पर नियमित द्विपक्षीय वार्ता कर रहा है। इसके अलावा, एनसीबी ने 27 देशों के साथ द्विपक्षीय समझौते और 19 देशों के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) कर अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत किया है।
एनसीबी की क्षमता बढ़ाने के लिए सरकार ने देशभर में नए क्षेत्रीय और फील्ड कार्यालय स्थापित किए हैं। अमृतसर, गुवाहाटी, चेन्नई और अहमदाबाद सहित कई शहरों में नए कार्यालय खोले गए हैं, जबकि कई उप-क्षेत्रीय कार्यालयों को जोन में अपग्रेड किया गया है। हाल ही में पोर्ट ब्लेयर, दीमापुर, आइजोल, शिमला, शिलांग और गंगटोक में भी नए क्षेत्रीय कार्यालयों को मंजूरी दी गई है।
इसके अलावा, एनसीबी में 568 नए पद सृजित किए गए हैं तथा प्रभावी अभियोजन सुनिश्चित करने के लिए एक समर्पित अभियोजन निदेशालय स्थापित करने को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है। विभिन्न क्षेत्रीय और आंचलिक कार्यालयों में 36 अभियोजकों की नियुक्ति भी की गई है।
सरकार का कहना है कि इन सभी उपायों का उद्देश्य देश में नशीले पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी रोक लगाना, संगठित अपराध नेटवर्क को कमजोर करना और युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाना है।
