मोतिहारी में आयोजित एक बड़ी जनसभा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बिहार सरकार द्वारा महिलाओं को दी गई 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता पूरी तरह निःशुल्क है, इसे लौटाने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग अफवाह फैला रहे हैं कि यह राशि कर्ज के रूप में दी गई है, जबकि यह बिल्कुल गलत है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अगर कोई महिला इस राशि का उपयोग रोजगार शुरू करने में करती है, तो सरकार आगे उसे 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त सहायता भी उपलब्ध कराएगी। उन्होंने जनता से अपील की कि अफवाहों पर ध्यान न दें और सरकार की योजनाओं का लाभ उठाएं।
“हम सबके बारे में सोचते हैं, समय-समय पर जनता के बीच जाकर उनकी समस्याएं जानने की कोशिश करते हैं,”
— मुख्यमंत्री नीतीश कुमार
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महिलाओं से समर्थन का वादा लिया
मोतिहारी की इस सभा में मुख्यमंत्री ने केसरिया विधानसभा से जेडीयू प्रत्याशी शालिनी मिश्रा और कल्याणपुर सीट से बीजेपी प्रत्याशी सचिन्द्र प्रसाद सिंह के समर्थन में वोट देने की अपील की।
सभा में मौजूद महिलाओं से उन्होंने अपने पारंपरिक अंदाज़ में हाथ उठाकर समर्थन देने का वादा भी लिया।
नीतीश कुमार ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि —
“वो लोग सिर्फ बातें करते हैं, काम हमने किया है। हमने बिहार को बदलने का काम किया है और आगे भी करेंगे।”
“हिंदू-मुस्लिम सबके लिए किया काम”
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने हमेशा सभी धर्मों और समुदायों के लिए काम किया है।
उन्होंने कहा —
“हमने मदरसों का सरकारीकरण किया और मंदिरों की सुरक्षा बढ़ाई। हमने हर वर्ग का ख्याल रखा है।”
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी धन्यवाद देते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने बिहार के विकास के लिए कई बड़ी योजनाओं को आगे बढ़ाया है।
सभा के बाद जेडीयू प्रत्याशी शालिनी मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री के बयान से अब पूरी तरह साफ हो गया है कि महिलाओं को दी गई सहायता राशि वापस नहीं ली जाएगी।
उन्होंने कहा कि —
“विपक्ष ने जो झूठ फैलाया था, महिलाएं अब सच समझ चुकी हैं। इसलिए पहले चरण में महिलाओं ने बढ़-चढ़कर मतदान किया है, और आने वाले चरणों में भी एनडीए को भारी समर्थन मिलेगा।”
