NEWS PR डेस्क : बिहार सरकार द्वारा राज्य में प्रशासनिक नियमों को सरल बनाने और व्यापार करने की सुगमता (Ease of Doing Business) को बढ़ाने के लिए चलाए जा रहे Deregulation 1.0 और 2.0 की प्रगति की आज एक उच्च स्तरीय बैठक में व्यापक समीक्षा की गई। यह बैठक भारत सरकार के कैबिनेट सचिवालय के विशेष सचिव के.के. पाठक और बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की संयुक्त अध्यक्षता में आयोजित हुई।
बैठक के दौरान केंद्र और राज्य सरकार के बीच विभिन्न प्राथमिक क्षेत्रों पर हुए समझौतों और उनके क्रियान्वयन की वर्तमान स्थिति पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया।

- Building Bye-Laws 2026: उदारीकरण 1.0 और 2.0 के तहत भवन निर्माण की मंजूरी, व्यावसायिक भूखंडों के नुकसान को कम करने और Mixed-use development को बढ़ावा देने के लिए नए ‘बिहार बिल्डिंग बाय-लॉज 2026’ का प्रारूप तैयार कर लिया गया है। इसके तहत कम जोखिम वाले भवनों के लिए ‘स्व-प्रमाणन’ और मध्यम जोखिम वाले भवनों के लिए ‘थर्ड पार्टी’ निरीक्षण की व्यवस्था की जा रही है।
- ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (EoDB) विधेयक 2026: राज्य में व्यापार को गति देने के लिए बिहार विधानमंडल द्वारा 23 जुलाई 2026 को EoDB विधेयक को मंजूरी दी जा चुकी है। इसके माध्यम से उद्योगों को दोहरे लाइसेंस से मुक्ति, MSME को स्व-घोषणा के आधार पर मंजूरी और निरीक्षणों से सुरक्षा प्रदान की जाएगी।
- प्रशासनिक पारदर्शिता और डिजिटल पोर्टल: बिहार सरकार के सभी नियमों, अधिनियमों और सरकारी आदेशों के लिए एक केंद्रीकृत डिजिटल रिपॉजिटरी पोर्टल (bihar.gov.in) 19 जून 2026 से लाइव कर दिया गया है, जिसमें अब तक 2000 से अधिक दस्तावेज अपलोड किए जा चुके हैं।
लोक सेवाओं के अधिकार (RTPS) के तहत ‘ऑटो-अपील प्रणाली’ को कैबिनेट की मंजूरी के बाद 23 जून 2026 से लाइव कर दिया गया है। - भूमि और पर्यावरण सुधार: किसानों और भूमि मालिकों को राहत देते हुए भूमि उपयोग परिवर्तन (CLU) की आवश्यकता को समाप्त करने पर सहमति बनी है। इसके साथ ही, बिजली कनेक्शन की प्रक्रियाओं को तेज करने और निजी स्कूलों के लिए न्यूनतम भूमि की बाध्यता को खत्म करने जैसे महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।
- स्वास्थ्य और पर्यटन क्षेत्र में बदलाव: स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए एक ‘एकीकृत स्वास्थ्य लाइसेंसिंग पोर्टल’ (Unified Health Licensing Portal) विकसित करने का निर्णय लिया गया है, जिसके लिए राज्य स्वास्थ्य समिति जल्द ही निविदा (RFP) जारी करेगी। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नई ‘मुख्यमंत्री होमस्टे प्रोत्साहन नीति 2026’ के तहत नियमों को काफी सरल बनाया गया है।
भारत सरकार के विशेष सचिव के सुझावों के आलोक में बैठक में निर्देश दिया गया कि संबंधित विभाग जल्द से जल्द आवश्यक अधिसूचनाएं जारी करें। विशेष रूप से:
- अग्निशमन विभाग को ‘ईओडीबी विधेयक 2026’ और ‘भवन उप-विधि 2026’ के अनुरूप अपने नियमों में संशोधन करने के निर्देश दिए गए हैं।
- पर्यटन विभाग को होमस्टे नीति को और अधिक उदार बनाने को कहा गया है।
- विभिन्न स्वीकृतियों (जैसे भवन निर्माण, उद्योग और स्वास्थ्य) के लिए थर्ड-पार्टी निरीक्षण एजेंसियों की नियुक्ति पर जल्द ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
इस बैठक में राज्य के विभिन्न विभागों (उद्योग, नगर विकास, राजस्व एवं भूमि सुधार, गृह, स्वास्थ्य और शिक्षा) के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे, जिन्होंने अपने-अपने विभागों से संबंधित सुधारों का ब्यौरा साझा किया।