NEWS PR डेस्क :बिहार की राजनीति में युवाओं और छात्रों के मुद्दे पर एक बार फिर बड़ा संदेश सामने आया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने साफ कहा है कि युवाओं के सपनों और भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदेश को साझा करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। यह बयान ऐसे समय आया है, जब परीक्षा व्यवस्था और छात्रों के आंदोलन को लेकर देशभर में चर्चा तेज है।

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने युवाओं के भविष्य और उनके अधिकारों को लेकर बड़ा बयान दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोशल मीडिया पोस्ट साझा करते हुए उन्होंने कहा कि देश की सबसे बड़ी ताकत युवा हैं और उनके सपनों के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “युवा हमारे देश की सबसे बड़ी ताकत हैं। उनके सपनों और भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों को कानून के तहत सख्त से सख्त सजा मिलेगी और किसी को भी नहीं छोड़ा जाएगा। युवाओं का भविष्य सुरक्षित रखना मोदी सरकार की गारंटी है।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने संदेश में युवाओं के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि सरकार ने ऐसे मामलों में त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री ने दोहराया कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ तेजी और सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह संदेश ऐसे समय आया है, जब देशभर में छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर माहौल गर्म है। बिहार में नीट प्रश्नपत्र लीक और परीक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं के विरोध में छात्रों ने पटना में जोरदार प्रदर्शन किया था। पटना में हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई के बाद मामला और अधिक तूल पकड़ गया। छात्रों पर हुई कार्रवाई को लेकर विपक्ष और छात्र संगठनों ने सरकार पर सवाल उठाए, जबकि प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की बात कही।
इससे पहले दिल्ली में भी परीक्षा व्यवस्था और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन हुआ था, जिसमें पुलिस कार्रवाई को लेकर देशभर में विरोध की आवाजें उठीं। वहीं, बिहार में नीट पेपर लीक और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा विधानसभा और विधान परिषद तक पहुंच गया। दोनों सदनों में इस मामले को लेकर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया और छात्रों पर लाठीचार्ज का विरोध करते हुए सरकार को घेरा।
विपक्षी विधायकों ने सरकार से जवाब मांगा और छात्र हितों को लेकर अपनी मांगें रखीं। वहीं, सत्ता पक्ष ने प्रदर्शन के दौरान विधायकों और पत्रकारों के साथ कथित दुर्व्यवहार और हमले का मुद्दा उठाया। मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिसके कारण सदन की कार्यवाही प्रभावित हुई। लगातार हंगामे के चलते विधानसभा की कार्यवाही को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा।
