NEWS PR डेस्क :NEET परीक्षा पेपर लीक मामले और पटना व दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में शनिवार को बुलाए गए बिहार बंद का असर गया में भी व्यापक रूप से देखने को मिला। विभिन्न छात्र संगठनों और राजनीतिक दलों के हजारों कार्यकर्ताओं ने शहर की सड़कों पर उतरकर आक्रोश मार्च निकाला और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग उठाई।

शहर की सड़कों पर उतरे छात्र, सरकार के खिलाफ की नारेबाजी
गया शहर में अलग-अलग स्थानों से छात्र संगठनों और अन्य संगठनों के कार्यकर्ताओं ने हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर विरोध मार्च निकाला। प्रदर्शनकारी सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरे। आक्रोश मार्च समाहरणालय सहित कई महत्वपूर्ण इलाकों तक पहुंचा, जहां छात्रों ने अपनी मांगों को जोरदार ढंग से रखा।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और निष्पक्ष जांच की मांग
प्रदर्शनकारियों ने NEET पेपर लीक मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। उनका कहना था कि इस मामले की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। इसके साथ ही पटना और दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज की भी निंदा की गई। प्रदर्शनकारियों ने लाठीचार्ज के लिए जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम, सड़कों पर उतरे एसएसपी
बिहार बंद को देखते हुए गया में सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे। शहर के संवेदनशील इलाकों में बड़ी संख्या में पुलिस बल, रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और अन्य सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई। गया के एसएसपी सुशील कुमार स्वयं शहर की सड़कों पर मौजूद रहे। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ पैदल चलकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
एसएसपी बोले— स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण
एसएसपी सुशील कुमार ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो रहा है और पुलिस प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि फिलहाल गया में स्थिति सामान्य और नियंत्रण में है। पुलिस प्रशासन लोगों से शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। गया से आशिष कुमार की रिपोर्ट
