NEWS PR डेस्क :बिहार सरकार के कला एवं संस्कृति विभाग द्वारा आगामी 9 से 17 अगस्त तक राज्यभर में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान का व्यापक आयोजन किया जाएगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक परिवार तक राष्ट्रीय ध्वज की उपलब्धता सुनिश्चित करना, अधिकतम घरों एवं संस्थानों में तिरंगा फहराना, जनभागीदारी को बढ़ावा देना, ‘वंदे मातरम’ के 150वें वर्ष का व्यापक आयोजन करना तथा फ्लैग कोड के नियमों का पालन सुनिश्चित करना है।

राष्ट्रीय ध्वज की समयबद्ध उपलब्धता के लिए राज्य सरकार ने विशेष वित्तीय प्रावधान किए हैं:
- प्रखंड वार बजट: राज्य के प्रत्येक प्रखंड को राष्ट्रीय ध्वज के क्रय हेतु ₹1,00,000 (एक लाख रुपये) की राशि उपलब्ध कराई जा रही है।
- कुल ध्वज: प्रत्येक प्रखंड द्वारा लगभग 4,000 राष्ट्रीय ध्वज खरीदे जाएंगे।
- कुल उपलब्धता: राज्य के 534 प्रखंडों के माध्यम से कुल मिलाकर लगभग 21.36 लाख राष्ट्रीय ध्वजों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।
- वितरण माध्यम: राष्ट्रीय ध्वज का वितरण ग्राम पंचायतों, जीविका स्वयं सहायता समूहों (SHGs), प्राथमिक कृषि साख समितियों (PACS) तथा अन्य स्थानीय संस्थाओं के माध्यम से किया जाएगा।
अभियान को एक जनांदोलन का रूप देने के लिए राज्य और जिला स्तर पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा:
- तिरंगा वितरण अभियान एवं घर-घर संपर्क।
- तिरंगा यात्रा, बाइक एवं साइकिल रैलियाँ।
- ‘वंदे मातरम’ का सामूहिक गायन तथा प्रदर्शनी।
- तिरंगा रंगोली प्रतियोगिता एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम।
- सरकारी भवनों की त्रिवर्णीय रोशनी।
- “Selfie with Tiranga” (तिरंगे के साथ सेल्फी)।
अभियान की सफलता और सुचारू क्रियान्वयन के लिए बिहार के मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत ने सभी जिला पदाधिकारियों को निम्नलिखित निर्देश दिए हैं:
- समयबद्ध क्रय एवं वितरण: प्रखंडवार 4,000 ध्वजों की समयबद्ध खरीद और प्रखंड विकास अधिकारी (BDO) के माध्यम से पंचायतवार वितरण योजना तैयार की जाए।
- दैनिक समीक्षा: प्रतिदिन राष्ट्रीय ध्वज वितरण एवं अन्य आयोजित कार्यक्रमों की समीक्षा और अनुश्रवण किया जाए।
- सक्रिय जनभागीदारी: स्थानीय जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संगठनों, नागरिक समाज, जीविका, PACS, विद्यालयों, महाविद्यालयों, NCC, NSS, ‘मेरा युवा भारत’, खेल क्लबों एवं व्यापारिक/उद्योग संगठनों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
- भव्य तिरंगा यात्रा: 12 अगस्त, 2026 को जिला स्तर पर समाज के सभी वर्गों की सहभागिता से भव्य तिरंगा यात्रा आयोजित की जाए।
- सीमावर्ती क्षेत्रों पर विशेष ध्यान: अंतरराष्ट्रीय सीमा (बॉर्डर) से सटे क्षेत्रों के प्रत्येक घर पर शत-प्रतिशत तिरंगा फहराना सुनिश्चित किया जाए।
- नियमित रिपोर्टिंग: अभियान की प्रगति की नियमित रिपोर्ट विभाग स्तर पर अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए।
मुख्य सचिव ने कहा- “हर घर तिरंगा केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी से जन-आंदोलन बनाने की मुहिम है। सभी जिला पदाधिकारी यह सुनिश्चित करें कि राज्य के हर घर, सरकारी कार्यालय, विद्यालय एवं सार्वजनिक संस्थान में पूरे सम्मान के साथ तिरंगा फहराया जाए।”
