बंटी यादव हत्याकांड में बड़ा मोड़: आरोपी सोनू 48 घंटे की रिमांड पर, पुलिस के सामने खुलेंगे हत्या की साजिश के राज

Shreya Raj
बंटी यादव हत्याकांड में जांच तेज, आरोपी सोनू 48 घंटे की रिमांड पर; हत्या की साजिश से जुड़े कई बड़े खुलासों की उम्मीद।

पटना: राजधानी पटना के बहुचर्चित बंटी यादव हत्याकांड की जांच में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मामले के नामजद आरोपी सोनू को कोतवाली थाना पुलिस ने 48 घंटे की रिमांड पर लिया है। पुलिस को उम्मीद है कि रिमांड के दौरान पूछताछ में हत्या की पूरी साजिश, वारदात में शामिल अन्य आरोपियों की भूमिका और इस सनसनीखेज हत्याकांड के पीछे की असली वजहों का खुलासा हो सकेगा। सोनू पटना के कंकड़बाग थाना क्षेत्र के चांगर का रहने वाला बताया जा रहा है। पुलिस उससे घटना के हर पहलू पर गहन पूछताछ कर रही है।

कोर्ट में सरेंडर के बाद मिली रिमांड, अब होगी गहन पूछताछ

जानकारी के अनुसार, आरोपी सोनू ने अदालत में आत्मसमर्पण किया था। इसके बाद कोतवाली थाना पुलिस ने उसे रिमांड पर लेने के लिए कोर्ट में आवेदन दिया। न्यायालय से अनुमति मिलने के बाद उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया और फिर 48 घंटे की पुलिस रिमांड पर लेकर विशेष पूछताछ शुरू की गई। जांच एजेंसियों का मानना है कि सोनू से पूछताछ के दौरान हत्या की साजिश, अपराध में शामिल अन्य लोगों की पहचान और घटना की पूरी प्लानिंग से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आ सकते हैं।

मुख्य आरोपी रवीश उर्फ बीसिया पहले ही मुठभेड़ में हो चुका है गिरफ्तार

इस मामले में इससे पहले मुख्य आरोपी और कुख्यात अपराधी रवीश उर्फ बीसिया को 16 जुलाई को बुद्धा कॉलोनी थाना क्षेत्र में पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था। पुलिस को सूचना मिली थी कि बंटी यादव हत्याकांड के बाद फरार चल रहा रवीश पटना लौट आया है। सूचना के आधार पर एलएनटी घाट से पूरब बांस घाट जाने वाले कच्चे रास्ते पर घेराबंदी की गई, इसी दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसके दाहिने पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर इलाज के लिए पीएमसीएच में भर्ती कराया गया। पुलिस का कहना था कि रवीश की गिरफ्तारी इस मामले की जांच में एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित हुई थी।

6 जुलाई को हुआ था अपहरण, पांच दिन बाद मिला था शव

गौरतलब है कि 6 जुलाई को बंटी यादव का पटना जंक्शन स्थित टाटा पार्क के पास से कथित तौर पर अपहरण कर लिया गया था। घटना के पांच दिन बाद 11 जुलाई को उसका शव अथमलगोला इलाके से बरामद हुआ। शव की हालत बेहद खराब थी। चेहरे पर गंभीर चोटों के निशान होने के कारण पहचान करना मुश्किल हो गया था, जबकि शरीर पर भी कई गहरे जख्म पाए गए थे। इस निर्मम हत्या ने पूरे पटना में सनसनी फैला दी थी। पुलिस ने इस मामले में रवीश उर्फ बीसिया को मुख्य आरोपी बनाया है, जबकि अब सोनू से हो रही पूछताछ के आधार पर पूरे षड्यंत्र और वारदात में शामिल अन्य लोगों की भूमिका सामने आने की उम्मीद जताई जा रही है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की गहन जांच कर रही है।

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