बिहार के सरकारी स्कूलों में शनिवार होगा हाफ-डे, ट्रांसफर पोर्टल फिर खुलेगा; 9 अगस्त से शिक्षा विभाग का दो दिवसीय चिंतन शिविर

Shreya Raj
शिक्षा विभाग के चिंतन शिविर में शिक्षा सुधार और नई योजनाओं पर मंथन।

बिहार सरकार ने सरकारी विद्यालयों को लेकर एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। शिक्षा विभाग ने राज्य के सरकारी स्कूलों में शनिवार को हाफ-डे लागू करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में विभागीय फाइल पर आदेश जारी कर दिया गया है, जबकि आधिकारिक अधिसूचना (नोटिफिकेशन) जारी करने की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है। इसके साथ ही शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण बनाने के उद्देश्य से विभाग ने कई अहम कदम उठाने की तैयारी की है।

9-10 अगस्त को होगा दो दिवसीय चिंतन शिविर

शिक्षा विभाग की ओर से 9 और 10 अगस्त को लगभग 350 से 400 अधिकारियों की भागीदारी वाला दो दिवसीय चिंतन शिविर आयोजित किया जाएगा। इस शिविर में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP), शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE), MEP, सरकारी विद्यालयों की मौजूदा चुनौतियां, विभागीय समन्वय को मजबूत करने के उपाय और तय समयसीमा से जुड़े कार्यों को पूरा करने के लिए टाइम-बाउंड एक्शन प्लान पर विस्तार से मंथन होगा। शिविर का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए एक ठोस रणनीति तैयार करना और विभिन्न स्तरों पर बेहतर समन्वय स्थापित करना है।

31 अक्टूबर तक शिक्षकों की समस्याओं के समाधान का लक्ष्य

सरकार ने स्पष्ट किया है कि शिक्षकों से जुड़ी अधिकतम समस्याओं का समाधान 31 अक्टूबर तक करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसी क्रम में शिक्षक स्थानांतरण (ट्रांसफर) प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से प्रक्रिया पूरी की जाएगी। 17 सितंबर से सामान्य ट्रांसफर के लिए पोर्टल दोबारा खोला जाएगा। इस बार वे शिक्षक भी आवेदन कर सकेंगे जो पहले किसी कारणवश आवेदन नहीं कर पाए थे या सरप्लस शिक्षकों की सूची में शामिल नहीं थे। विभाग का मानना है कि डिजिटल और पारदर्शी प्रक्रिया से स्थानांतरण से जुड़ी शिकायतों में कमी आएगी।

11 अगस्त को मीडिया को दी जाएगी जानकारी

चिंतन शिविर में लिए गए सभी ज़रूरी फैसले आगे की कार्ययोजना की जानकारी 11 अगस्त को मीडिया के माध्यम से पब्लिक को दी जाएगी। शिक्षा विभाग का कहना है कि राज्य में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। विभाग का मानना है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) का प्रभावी क्रियान्वयन ही विकसित भारत और समृद्ध बिहार की मजबूत नींव बनेगा। इसी सोच के साथ शिक्षा व्यवस्था में सुधार, प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।

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