बेगूसराय में निगरानी की बड़ी कार्रवाई: मुआवजा दिलाने के नाम पर 4 हजार रुपये रिश्वत लेते लिपिक रंगे हाथ गिरफ्तार

Rashmi Tiwari

बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (Vigilance Investigation Bureau) की कार्रवाई लगातार जारी है। ताजा मामले में ब्यूरो की मुख्यालय टीम ने बेगूसराय सदर अंचल कार्यालय में छापेमारी कर एक निम्नवर्गीय लिपिक-सह-नाजिर को 4,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।गिरफ्तार आरोपी की पहचान सोनू कुमार के रूप में हुई है, जो बेगूसराय सदर अंचल कार्यालय में कार्यरत है। निगरानी थाना कांड संख्या 094/26 में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर यह कार्रवाई शुक्रवार (7 अगस्त 2026) को की गई।मुआवजा दिलाने के बदले मांगी थी रिश्वत

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अनुसार, बेगूसराय की रहने वाली दौलती देवी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी पुत्री की अप्राकृतिक मृत्यु के बाद सरकार से मिलने वाले मुआवजे की राशि जारी कराने के बदले आरोपी लिपिक 4 हजार रुपये रिश्वत की मांग कर रहा था।

शिकायत सही मिलने पर बिछाया जाल

ब्यूरो ने शिकायत का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने के आरोप सही पाए गए। इसके बाद पुलिस उपाधीक्षक श्याम बाबू प्रसाद के नेतृत्व में विशेष ट्रैप टीम का गठन किया गया। टीम ने अंचल कार्यालय में कार्रवाई करते हुए आरोपी को उसके कार्यालय कक्ष में रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।

कोर्ट में किया जाएगा पेश

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने बताया कि आरोपी से पूछताछ के बाद उसे विशेष न्यायालय (निगरानी), भागलपुर में पेश किया जाएगा। मामले की आगे की जांच जारी है।2026 में भ्रष्टाचार पर लगातार कार्रवाई

ब्यूरो के अनुसार, वर्ष 2026 में यह 94वीं प्राथमिकी दर्ज की गई है। इनमें 87 ट्रैप केस शामिल हैं, जिनमें अब तक 88 आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया जा चुका है। इन मामलों में कुल 31,70,800 रुपये की रिश्वत राशि बरामद हुई है।तुलना करें तो वर्ष 2025 में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने 101 ट्रैप केस दर्ज किए थे और 37,80,300 रुपये की रिश्वत राशि बरामद की थी।

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