NEWS PR डेस्क:महिला एवं बाल विकास निगम, बिहार की पहल के तहत युवा बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा और उपलब्ध सहायता तंत्रों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से कक्षा से बाहर भी सीखने के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसी क्रम में राजकीय अम्बेडकर 10+2 अनुसूचित जाति बालिका आवासीय विद्यालय, पटना की छात्राओं ने एक एक्सपोजर विजिट में भाग लिया।

इस अवसर पर छात्राओं को 112 इमरजेंसी रिस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम (ERSS), 181 महिला हेल्पलाइन, 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन तथा 1930 साइबर क्राइम हेल्पलाइन के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। छात्राओं को यह समझने का अवसर मिला कि किसी आपात स्थिति, हिंसा, उत्पीड़न या साइबर अपराध की स्थिति में वे किस प्रकार सहायता प्राप्त कर सकती हैं।
एक्सपोजर विजिट के दौरान छात्राओं ने महिला एवं बाल विकास निगम, बिहार की प्रबंध निदेशक इनायत ख़ान से भी मुलाकात एवं संवाद किया। संवाद के दौरान प्रबंध निदेशक ने महिला सशक्तिकरण, सुरक्षा, शिक्षा एवं करियर विकास से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर छात्राओं के साथ अपने विचार साझा किए। उन्होंने छात्राओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने, शिक्षा को अपनी ताकत बनाने तथा एक **लर्निंग बियोंड क्लासरूम** के लिए प्रेरित किया।
छात्राओं ने WCDC ऑडिटोरियम में UNICEF के नेतृत्व में आयोजित बाल अधिकार एवं POCSO अधिनियम पर विशेष सत्र में भी भाग लिया। सत्र में बच्चों की सुरक्षा, गरिमा, अधिकारों एवं संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी गई तथा सुरक्षित वातावरण के महत्व को रेखांकित किया गया।
यह पहल इस विश्वास को मजबूत करती है कि सशक्तिकरण की शुरुआत जानकारी से होती है—अपने अधिकारों को जानने से, सहायता के लिए सही स्थान की जानकारी होने से और इस विश्वास से कि आपकी आवाज़ मायने रखती है।महिला एवं बाल विकास निगम, बिहार का यह प्रयास युवा बालिकाओं को जागरूक, आत्मविश्वासी और अपने अधिकारों एवं भविष्य के प्रति सजग बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।