बिहार के 75 स्कूलों के मिड-डे मील में मिले कीड़े, खाना खाने से बच्चों ने किया इनकार; जांच के आदेश

Shreya Raj
मिड-डे मील में कीड़े मिलने पर बच्चों ने खाना फेंका।

NEWS PR डेस्क : बिहार के अरवल जिले में सरकारी स्कूलों में मिलने वाले मिड-डे मील की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जिले के करीब 75 सरकारी स्कूलों में बच्चों को परोसे गए भोजन में कथित तौर पर कीड़े मिलने के बाद हड़कंप मच गया। भोजन में कीड़े देखकर कई बच्चों ने खाना खाने से इनकार कर दिया और अपनी प्लेटों में परोसा गया खाना फेंक दिया। घटना के बाद शिक्षा विभाग ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।

सोयाबीन की सब्जी और चावल में मिले कीड़े

जानकारी के अनुसार, मंगलवार को अरवल जिले के स्कूलों में बच्चों को मिड-डे मील के तहत चावल के साथ सोयाबीन और आलू की सब्जी परोसी गई थी। खाना परोसे जाने के बाद बच्चों ने सब्जी में कीड़े देखे। इसके बाद कुछ बच्चों ने चावल में भी कीड़े होने की शिकायत की।

घटना से जुड़े वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें बच्चे भोजन में मौजूद कीड़ों को दिखाते हुए नजर आ रहे हैं। कुछ वीडियो में बच्चे परोसा गया खाना डस्टबिन में फेंकते हुए दिखाई दे रहे हैं। भोजन को लेकर बच्चों और अभिभावकों में नाराजगी देखने को मिली।

75 स्कूलों तक पहुंचा था एक ही सप्लायर का खाना

रिपोर्ट के मुताबिक, अरवल जिले के स्कूलों में मिड-डे मील की आपूर्ति रॉयल मानव मित्र सेवा समिति द्वारा की जा रही थी। मंगलवार को इसी एजेंसी की ओर से स्कूलों में चावल और सोयाबीन-आलू की सब्जी भेजी गई थी। इसके बाद अलग-अलग स्कूलों में भोजन को लेकर शिकायतें सामने आईं।

एक साथ बड़ी संख्या में स्कूलों में भोजन की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने से पूरे मामले ने गंभीर रूप ले लिया है। करीब 75 स्कूलों में भोजन पहुंचने की बात सामने आने के बाद सप्लाई व्यवस्था और भोजन तैयार करने की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

शिक्षा विभाग ने दिए जांच के आदेश

मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने जांच शुरू करने के निर्देश दिए हैं। विभाग की ओर से यह भी संकेत दिया गया है कि यदि जांच में भोजन की आपूर्ति करने वाली एजेंसी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि भोजन में कीड़े कैसे पहुंचे और किस स्तर पर लापरवाही हुई। इस घटना ने सरकारी स्कूलों में बच्चों को दिए जाने वाले मिड-डे मील की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Share This Article