‘आरक्षण खैरात नहीं, संवैधानिक अधिकार है’: जंतर-मंतर प्रदर्शन पर चिराग पासवान का बड़ा बयान

Shreya Raj
आरक्षण पर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने रखी अपनी स्पष्ट राय।

NEWS PR डेस्क : पटना : केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने आरक्षण व्यवस्था को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा कि आरक्षण किसी को दी जाने वाली खैरात नहीं, बल्कि संविधान से मिला अधिकार है और इसे किसी व्यक्ति या समूह की मांग पर समाप्त नहीं किया जा सकता। दिल्ली के जंतर-मंतर पर जाति आधारित आरक्षण खत्म करने की मांग को लेकर चल रहे विरोध-प्रदर्शन के बीच चिराग पासवान ने प्रदर्शनकारियों से संवाद के जरिए समाधान निकालने की बात कही।

पटना एयरपोर्ट पर मीडिया से बोले चिराग

चिराग पासवान शनिवार, 22 अगस्त 2026 को दिल्ली रवाना होने से पहले पटना एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत कर रहे थे। इस दौरान उनसे जंतर-मंतर पर आरक्षण खत्म करने की मांग को लेकर हो रहे प्रदर्शन के बारे में सवाल किया गया। उन्होंने कहा कि आरक्षण को किसी के कहने भर से समाप्त नहीं किया जा सकता। उनके अनुसार, आरक्षण देश के संविधान द्वारा दिया गया अधिकार है और इसका उद्देश्य समाज के उन वर्गों को आगे बढ़ाना है, जिनके साथ लंबे समय तक सामाजिक भेदभाव हुआ है।

‘वंचित वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए बनाया गया प्रावधान’

केंद्रीय मंत्री ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति का जिक्र करते हुए कहा कि संविधान में इन वर्गों की पहचान कर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने और आगे बढ़ाने के लिए आरक्षण का प्रावधान किया गया था।

चिराग पासवान ने कहा कि आरक्षण का मूल उद्देश्य सामाजिक रूप से पिछड़े और भेदभाव का सामना करने वाले लोगों को बराबरी का अवसर देना है। उन्होंने यह भी कहा कि आज भी समाज में भेदभाव की घटनाएं सामने आती हैं, इसलिए सामाजिक न्याय और आरक्षण की आवश्यकता पर गंभीरता से चर्चा होनी चाहिए।

जंतर-मंतर के प्रदर्शनकारियों से बातचीत की जरूरत

जंतर-मंतर पर जाति आधारित आरक्षण खत्म करने की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों को लेकर चिराग पासवान ने कहा कि उनकी चिंताओं को सुनना जरूरी है। उन्होंने कहा कि किसी भी बड़े विवाद या समस्या का समाधान बातचीत और संवाद के माध्यम से निकाला जा सकता है।

उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों के साथ बैठकर बातचीत की जानी चाहिए, ताकि उन्हें भी आरक्षण की आवश्यकता और इसके पीछे के उद्देश्य को समझाया जा सके। चिराग पासवान का कहना है कि लोकतंत्र में संवाद बेहद जरूरी है और बातचीत के जरिए बड़ी से बड़ी समस्याओं का समाधान संभव है।

‘आरक्षण पर गलतफहमी से पैदा हो सकता है आक्रोश’

चिराग पासवान ने कहा कि आरक्षण को लेकर किसी भी तरह की गलतफहमी देश की बड़ी आबादी में नाराजगी पैदा कर सकती है। उन्होंने संकेत दिया कि प्रदर्शनकारियों की मांगों को व्यवस्थित तरीके से सामने रखने के बाद सरकार उनसे बातचीत के लिए तैयार है। प्रदर्शनकारी जाति के बजाय आर्थिक आधार को आरक्षण और सरकारी सहायता का प्रमुख आधार बनाने की मांग कर रहे हैं। इस पर चिराग पासवान ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए पहले ही 10 प्रतिशत ईडब्ल्यूएस आरक्षण का प्रावधान किया जा चुका है।

मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ हुई घटना का भी किया जिक्र

चिराग पासवान ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का जिक्र करते हुए हल्दवानी में उनके साथ हुई एक घटना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अगर आज भी समाज में इस तरह की घटनाएं सामने आती हैं, तो यह चिंता का विषय है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बहस इस बात पर होनी चाहिए कि देश में सामाजिक न्याय को और अधिक मजबूत कैसे बनाया जाए और समाज में मौजूद भेदभाव को कैसे समाप्त किया जाए।

रामदास अठावले के बयान पर भी रखी अपनी राय

रामदास अठावले के बयान से जुड़े सवाल पर चिराग पासवान ने कहा कि विरोध कर रहे लोगों की बात सुनी जानी चाहिए, हालांकि उन्होंने दोहराया कि आरक्षण कोई ऐसी व्यवस्था नहीं है जिसे किसी की मांग पर समाप्त कर दिया जाए। उनके अनुसार, प्रदर्शनकारियों के साथ संवाद से उनकी चिंताओं को समझा जा सकता है और आरक्षण व्यवस्था के उद्देश्य को भी स्पष्ट किया जा सकता है।

तेजस्वी यादव के बयान पर भी चिराग का जवाब

आरक्षण के मुद्दे के अलावा चिराग पासवान ने बिहार की आर्थिक स्थिति को लेकर तेजस्वी यादव के बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जब बिहार विधानसभा का सत्र चल रहा था, तब विपक्ष को अपनी बात आंकड़ों और तथ्यों के साथ सदन में रखनी चाहिए थी।

उन्होंने कहा कि विपक्ष की जिम्मेदारी केवल सरकार पर आरोप लगाना नहीं है, बल्कि राज्य के विकास में अपनी भूमिका निभाना भी है। चिराग पासवान के मुताबिक, बिहार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है और राजस्व बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

निवेश और रोजगार बढ़ाने पर सरकार का जोर

चिराग पासवान ने कहा कि बिहार में विकास की गति तेज करने के लिए कई स्तरों पर काम किया जा रहा है। सरकार आने वाले समय में राज्य में निवेश बढ़ाने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर जोर दे रही है।

उन्होंने डबल इंजन सरकार का जिक्र करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के मिलकर काम करने से बिहार को लाभ मिलेगा। उनके अनुसार, आने वाले समय में इसका असर राज्य के विकास और आर्थिक मजबूती के रूप में दिखाई देगा।

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