भागलपुर में बाढ़ का कहर: TMBU गर्ल्स हॉस्टल खाली कराने का आदेश, छात्राओं के सामने रहने और पढ़ाई का संकट

Rashmi Tiwari

NEWS PR डेस्क :भागलपुर: जिले में बाढ़ का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। गंगा और आसपास की नदियों के बढ़ते जलस्तर के बीच अब तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (TMBU) का महिला छात्रावास भी बाढ़ की चपेट में आ गया है। विश्वविद्यालय परिसर स्थित गर्ल्स हॉस्टल में बाढ़ का पानी बढ़ने के बाद छात्राओं को हॉस्टल खाली करने का आदेश दिया गया है। हॉस्टल खाली कराने के बाद छात्राओं के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि वे अब रहेंगी कहां और उनकी पढ़ाई कैसे जारी रहेगी। अचानक हॉस्टल खाली करने के निर्देश से छात्राओं में चिंता और असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

हॉस्टल खाली करने का आदेश, वैकल्पिक व्यवस्था पर सवाल
बाढ़ का पानी तेजी से आसपास के इलाकों में फैल रहा है। अब तक बाढ़ का असर मुख्य रूप से गांवों और निचले इलाकों में देखने को मिल रहा था, लेकिन विश्वविद्यालय परिसर के महिला छात्रावास तक पानी पहुंचने के बाद शिक्षण संस्थानों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
छात्राओं का आरोप है कि उन्हें हॉस्टल खाली करने का आदेश तो दे दिया गया, लेकिन इसके बाद उनके रहने की वैकल्पिक व्यवस्था और पढ़ाई जारी रखने को लेकर विश्वविद्यालय प्रबंधन की ओर से स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। अचानक हॉस्टल खाली करने की स्थिति से छात्राओं की परेशानी बढ़ गई है। दूर-दराज के इलाकों से पढ़ाई करने के लिए आने वाली छात्राओं के सामने अब सुरक्षित ठिकाना तलाशने की चुनौती है।
‘हॉस्टल खाली करने को कह दिया, अब सब भगवान भरोसे’
एक छात्रा ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि हॉस्टल खाली करने का आदेश तो दे दिया गया है, लेकिन क्लास कैसे होगी और रहने की व्यवस्था किस तरह होगी, इसको लेकर विश्वविद्यालय प्रबंधन की ओर से कोई स्पष्ट पहल नहीं की गई है। छात्राओं का कहना है कि वे किसी तरह अपना सामान लेकर हॉस्टल से बाहर निकल रही हैं। उनके सामने अब रहने के साथ-साथ पढ़ाई और सुरक्षित आवागमन की भी समस्या खड़ी हो गई है।
पढ़ाई और सुरक्षित आवागमन को लेकर चिंता
दूर-दराज के क्षेत्रों से विश्वविद्यालय में पढ़ने आने वाली छात्राओं के लिए अचानक हॉस्टल खाली करना बड़ी चुनौती बन गया है। यदि छात्राएं हॉस्टल से बाहर रहती हैं तो नियमित कक्षाओं में उनकी उपस्थिति कैसे होगी और बाढ़ प्रभावित रास्तों से विश्वविद्यालय तक उनका सुरक्षित पहुंचना कैसे संभव होगा, यह बड़ा सवाल है। छात्राओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की है कि केवल हॉस्टल खाली कराने का आदेश देने के बजाय उनके लिए तत्काल वैकल्पिक आवास, सुरक्षित आवागमन और पढ़ाई जारी रखने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
विश्वविद्यालय के दूसरे हिस्सों पर भी मंडराया खतरा
भागलपुर में गंगा और आसपास की नदियों का जलस्तर बढ़ने के साथ बाढ़ का दायरा भी बढ़ रहा है। निचले इलाकों में पानी घुसने के बाद अब शिक्षण संस्थान भी प्रभावित होते नजर आ रहे हैं। महिला छात्रावास खाली कराने की घटना के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि जलस्तर और बढ़ता है तो विश्वविद्यालय परिसर के अन्य हिस्सों और विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।
छात्राओं ने की तत्काल हस्तक्षेप की मांग
बाढ़ के कारण परेशान छात्राओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। उनका कहना है कि मौजूदा हालात में छात्राओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए रहने की वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए। फिलहाल छात्राएं किसी तरह हॉस्टल से बाहर निकल रही हैं। बाढ़ का पानी अब सिर्फ गांवों और घरों तक सीमित नहीं है, बल्कि विश्वविद्यालय परिसर और महिला छात्रावास तक पहुंच चुका है। ऐसे में छात्राओं की सुरक्षा, आवास और पढ़ाई को लेकर विश्वविद्यालय प्रबंधन की अगली कार्रवाई पर सभी की नजर है।भागलपुर से श्यामानंद सिंह की रिपोर्ट

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