NEWS PR डेस्क: पश्चिम चंपारण जिले के बगहा से राहत देने वाली खबर सामने आई है। बगहा अनुमंडलीय अस्पताल में 12 अगस्त से शुरू हुई डायलिसिस यूनिट गरीब और असहाय किडनी मरीजों के लिए बड़ी सुविधा बनकर सामने आई है। महज 22 दिनों में यहां करीब 80 मरीजों का सफल डायलिसिस किया जा चुका है। इससे पहले मरीजों को डायलिसिस के लिए गोरखपुर, बेतिया समेत दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता था। अब स्थानीय स्तर पर इलाज की सुविधा मिलने से मरीजों और उनके परिजनों को बड़ी राहत मिली है।
बाहर जाने की परेशानी और खर्च से मिली राहत
डायलिसिस के लिए मरीजों को सप्ताह में कई बार दूसरे शहरों की यात्रा करनी पड़ती थी। इससे आने-जाने में समय के साथ हजारों रुपये खर्च होते थे। नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर मरीजों ने बताया कि अब बगहा में ही डायलिसिस की सुविधा मिलने से उनकी परेशानी और यात्रा का खर्च दोनों कम हुए हैं।
पात्र मरीजों को नि:शुल्क डायलिसिस
बगहा अनुमंडलीय अस्पताल की डायलिसिस यूनिट में आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों और पात्र राशन कार्ड धारकों को सरकारी मानकों के अनुसार नि:शुल्क डायलिसिस की सुविधा मिल रही है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को इलाज जारी रखने में मदद मिल रही है।
नेफ्रो प्लस संस्था कर रही सेंटर का संचालन
डायलिसिस सेंटर के चिकित्सक डॉ. आशीष कुमार ने बताया कि केंद्र का संचालन नेफ्रो प्लस संस्था द्वारा किया जा रहा है। पात्र मरीजों का नि:शुल्क डायलिसिस किया जाता है, जबकि अन्य मरीजों से निर्धारित शुल्क लिया जाता है।
10 बेड तक विस्तार की योजना
डॉ. आशीष कुमार के अनुसार, मरीजों की बढ़ती जरूरत को देखते हुए भविष्य में डायलिसिस सेंटर को 10 बेड तक विस्तारित करने की योजना है। इससे आने वाले समय में अधिक मरीजों को स्थानीय स्तर पर इलाज की सुविधा मिल सकेगी।
मरीजों की जरूरत के अनुसार तय होता है डायलिसिस का समय
चिकित्सक ने बताया कि किसी मरीज का डायलिसिस कितनी बार होगा, इसका निर्णय उसकी स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर किया जाता है। मरीज की जरूरत के अनुसार उपचार की प्रक्रिया तय की जाती है।
बगहा में शुरू हुई यह डायलिसिस यूनिट उन मरीजों के लिए बड़ी राहत है, जिन्हें इलाज के लिए बार-बार दूसरे शहरों की यात्रा करनी पड़ती थी। स्थानीय स्तर पर सुविधा मिलने से अब उनके इलाज का खर्च और परेशानी दोनों कम होने की उम्मीद है।
पश्चिम चंपारण से रिपोर्टर: मोहम्मद इम्तिआज़