लालू परिवार की बढ़ सकती हैं मुश्किलें! IRCTC मनी लॉन्ड्रिंग केस में आज राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई

Rashmi Tiwari

NEWS PR डेस्क : IRCTC होटल टेंडर से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आज, 7 सितंबर को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में अहम सुनवाई होगी। अदालत में पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव समेत 16 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने के मुद्दे पर सुनवाई की जाएगी। इस मामले में आरोप तय करने का फैसला कई बार टल चुका है, ऐसे में आज की सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।

इससे पहले 29 अगस्त को हुई सुनवाई के दौरान भी अदालत ने आरोप तय करने का फैसला टाल दिया था। कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 7 सितंबर की तारीख निर्धारित की थी। इससे पहले 13 फरवरी को अदालत ने इस मामले में फैसला सुरक्षित रखा था, लेकिन इसके बाद 6 मई, 22 मई, 9 जून, 16 जुलाई, 31 जुलाई और 14 अगस्त को भी फैसला नहीं हो सका।
ED ने दाखिल की है चार्जशीट
मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। जांच एजेंसी का मामला IRCTC के तहत रांची और पुरी में संचालित दो होटलों के टेंडर आवंटन में कथित अनियमितताओं और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों पर आधारित है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि लालू प्रसाद यादव के रेल मंत्री रहते IRCTC के इन दोनों होटलों के संचालन और टेंडर प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी की गई। आरोप है कि इस पूरी प्रक्रिया में निजी कंपनियों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया और इसके बदले जमीन से जुड़े लेनदेन किए गए।
लालू परिवार ने कोर्ट के आदेश को दी चुनौती
लालू परिवार ने निचली अदालत के अक्टूबर 2025 के उस आदेश को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें उनके खिलाफ भ्रष्टाचार से जुड़े आरोप तय किए गए थे। इस याचिका का CBI ने विरोध किया है। जांच एजेंसी का कहना है कि मामले में आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त दस्तावेज और अन्य अहम साक्ष्य मौजूद हैं। CBI के मुताबिक, जांच के दौरान सामने आए दस्तावेज और साक्ष्य टेंडर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की ओर इशारा करते हैं। वहीं, मामले में आरोपियों की ओर से जांच एजेंसियों के आरोपों को चुनौती दी गई है।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला उस अवधि से जुड़ा है जब लालू प्रसाद यादव केंद्र की तत्कालीन सरकार में रेल मंत्री थे। आरोप है कि उनके कार्यकाल के दौरान IRCTC के रांची और पुरी स्थित दो होटलों के संचालन का टेंडर एक निजी कंपनी को दिया गया। जांच एजेंसियों का आरोप है कि टेंडर प्रक्रिया में निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया गया और इसके जरिए निजी पक्ष को अनुचित लाभ पहुंचाया गया।

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