प्रिंस यादव मौत मामले ने लिया नया मोड़, रौशन आनंद के गंभीर आरोप; खान सर के गार्डों को नहीं मिली राहत

कोर्ट, जांच और सियासत के बीच उलझा हाई-प्रोफाइल मामला, 20 जून की सुनवाई पर सबकी नजरें।

Rashmi Tiwari
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NEWS PR डेस्क:राजधानी पटना के मुसल्लहपुर हाट स्थित खान ग्लोबल स्टडीज में हुए बवाल और फायरिंग मामले में कानूनी और राजनीतिक हलचल लगातार तेज होती जा रही है। मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान फैजल खान उर्फ खान सर के दोनों गार्डों को अदालत से कोई राहत नहीं मिली। कोर्ट ने जमानत याचिका पर तत्काल फैसला सुनाने के बजाय पुलिस को अपडेटेड केस डायरी और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज पेश करने का निर्देश दिया है। अब इस चर्चित मामले की अगली सुनवाई 20 जून को होगी।


खास बात यह है कि 20 जून को ही फैजल खान से जुड़े मामले पर भी सुनवाई प्रस्तावित है। फिलहाल उन्हें गिरफ्तारी से अंतरिम राहत मिली हुई है, जो 20 जून तक प्रभावी रहेगी। ऐसे में आने वाली सुनवाई इस पूरे मामले के लिए बेहद अहम मानी जा रही है।
वहीं, ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी के संचालक रौशन आनंद के सहयोगियों की ओर से भी जमानत याचिका दायर किए जाने की चर्चा तेज है। इसी बीच जेल से रिहा होने के बाद रौशन आनंद ने मामले को नया मोड़ देते हुए फैजल खान और एक कोल्ड स्टोरेज संचालक पर अपने भाई प्रिंस यादव की हत्या का गंभीर आरोप लगाया है।
दूसरी ओर, नेपाल के विराटनगर स्थित एक होटल में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई प्रिंस यादव की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। नेपाल पुलिस ने मामले में प्रिंस के पांच दोस्तों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, पटना पुलिस भी जल्द ही जांच के सिलसिले में उनके साथियों को बिहार ला सकती है।
सोमवार देर रात सहरसा में प्रिंस यादव का अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और समर्थक शामिल हुए। परिवार ने घटना की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। परिजनों का कहना है कि बेटे की मौत की खबर के बाद उसके माता-पिता गहरे सदमे में हैं और उनका इलाज अस्पताल के आईसीयू में चल रहा है।
उधर, यह मामला अब राजनीतिक रंग भी पकड़ चुका है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने पूरे प्रकरण की जांच सीबीआई से कराने की मांग करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र लिखा है। इसके बाद राज्य की राजनीति में भी इस मुद्दे पर बयानबाजी तेज हो गई है।

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