बिहार के खनन क्षेत्र में विकास की नई संभावनाओं, पारदर्शी खनन व्यवस्था तथा किसानों और जमीन मालिकों के हितों को लेकर आज नई दिल्ली में महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक हुई। केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी, केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चन्द्र दुबे, बिहार सरकार के खान एवं भूतत्व मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार, खान मंत्रालय, भारत सरकार के सचिव केशव चन्द्रा तथा बिहार के खान एवं भूतत्व विभाग के सचिव अवनीश कुमार सिंह सहित विभागीय अधिकारियों की उपस्थिति में बिहार से जुड़े खनन क्षेत्र के विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।बैठक में बिहार में खनिज संसाधनों के वैज्ञानिक एवं पारदर्शी दोहन, खनिज ब्लॉकों की ई-नीलामी, खनिज अन्वेषण को गति देने तथा राज्य में खनन के माध्यम से राजस्व, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की रणनीति पर चर्चा हुई।
बैठक के दौरान केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने बिहार में पत्थर भूखण्डों की हो रही ई-नीलामी पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने बिहार में खनन क्षेत्र के विकास के लिए केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।पीरपैंती कोल ब्लॉक के संबंध में डॉ. प्रमोद कुमार ने स्पष्ट कहा कि किसानों और जमीन मालिकों के हितों की पूरी तरह रक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस दिशा में भूमिगत खनन की संभावनाओं पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है, ताकि खनन के कारण किसानों को उनकी जमीन से वंचित होने की स्थिति उत्पन्न न हो।
उन्होंने बताया कि भागलपुर जिले में अन्वेषित कोल ब्लॉक में भूमिगत कोयला गैसीकरण (Underground Coal Gasification) के माध्यम से खनन की संभावनाओं पर भी केंद्रीय मंत्री के साथ विस्तार से चर्चा हुई। इस अत्याधुनिक तकनीक के प्रति संभावित बोलीदाताओं को आकर्षित करने तथा उन्हें इसकी संभावनाओं और तकनीकी पहलुओं से अवगत कराने के उद्देश्य से बिहार में रोड शो आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा कि बिहार के खनिज संसाधन राज्य की आर्थिक प्रगति का महत्वपूर्ण आधार बन सकते हैं।
सरकार की प्राथमिकता है कि खनिज संपदा का वैज्ञानिक, पर्यावरण-अनुकूल और पारदर्शी तरीके से उपयोग हो, जिससे राज्य के राजस्व में वृद्धि के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर और आर्थिक गतिविधियां भी बढ़ें।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से बिहार के खनन क्षेत्र में आधुनिक तकनीक, बेहतर अन्वेषण और पारदर्शी नीलामी व्यवस्था को बढ़ावा देकर विकास की नई संभावनाओं को साकार किया जाएगा।बैठक में बिहार में खनिज अन्वेषण कार्यों को और गति देने के लिए भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (Geological Survey of India) के पदाधिकारियों के साथ विशेष बैठक आयोजित करने का भी निर्णय लिया गया।
इसका उद्देश्य राज्य में उपलब्ध खनिज संसाधनों की संभावनाओं का वैज्ञानिक आकलन कर अन्वेषण गतिविधियों को तेज करना है।इसके अतिरिक्त, बिहार में वृहद खनिजों के खनिज ब्लॉकों की ई-नीलामी Unified Mining Portal के माध्यम से किए जाने के संबंध में भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा कि पारदर्शी नीलामी, आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक अन्वेषण के माध्यम से बिहार के खनन क्षेत्र को नई दिशा देना सरकार का संकल्प है। केंद्र और राज्य के समन्वित प्रयासों से खनन क्षेत्र को राज्य के विकास, रोजगार सृजन और आर्थिक सशक्तीकरण का मजबूत आधार बनाया जाएगा।