सरकारी स्कूलों में 70% से अधिक उपस्थिति अनिवार्य, लापरवाही पर होगी कार्रवाई

Shreya Raj
गुरु गोष्ठी के दौरान बैठक में मौजूद शिक्षक और शिक्षिकाएं, स्कूलों में 70 प्रतिशत से अधिक छात्र उपस्थिति समेत शिक्षा व्यवस्था को लेकर दिए गए निर्देशों पर हुई चर्चा।

NEWS PR डेस्क: पश्चिम चंपारण जिले के नरकटियागंज में शिक्षा विभाग ने सरकारी विद्यालयों में छात्रों की घटती उपस्थिति और पढ़ाई में लापरवाही को लेकर सख्ती शुरू कर दी है। रेलवे प्रवेशिका प्लस टू विद्यालय के सभागार में दो पालियों में आयोजित गुरु गोष्ठी के दौरान प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) डॉ. संजय कुमार सिंह ने प्रधान शिक्षकों और शिक्षकों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।

गुरु गोष्ठी में प्रधान शिक्षकों और शिक्षकों को दिए गए सख्त निर्देश

बीईओ डॉ. संजय कुमार सिंह ने कहा कि प्रत्येक सरकारी विद्यालय में 70 प्रतिशत से अधिक छात्रों की उपस्थिति हर हाल में सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्रों की उपस्थिति और पढ़ाई के स्तर में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विद्यालयों में शैक्षणिक व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए प्रधान शिक्षकों को नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया गया।

उन्होंने स्कूल परिसर में सिगरेट, पान और खैनी के सेवन पर पूरी तरह रोक लगाने को कहा। साथ ही, शिक्षकों को मर्यादित वेशभूषा में विद्यालय आने और निर्धारित समय सीमा के भीतर पाठ्यक्रम पूरा करने का निर्देश दिया गया।

कक्षा 1 से 5 और 6 से 8 में पढ़ाने से आनाकानी पर होगी कार्रवाई

गुरु गोष्ठी में बीईओ ने कहा कि यदि कोई शिक्षक कक्षा 1 से 5 या कक्षा 6 से 8 में पढ़ाने से आनाकानी करता है, तो प्रधान शिक्षक इसकी सूचना सीधे शिक्षा विभाग को दें। ऐसे शिक्षकों के खिलाफ विभागीय स्तर पर कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि विद्यालयों में शिक्षकों की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और सभी शिक्षक अपने निर्धारित कार्यों का ईमानदारी से पालन करें। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने की स्थिति में संबंधित शिक्षकों और प्रधान शिक्षकों से जवाब-तलब किया जा सकता है।

नामांकन बढ़ाने के लिए घर-घर संपर्क करने का निर्देश

बीईओ ने सरकारी विद्यालयों में छात्रों का नामांकन बढ़ाने के लिए शिक्षकों को घर-घर जाकर अभिभावकों से संपर्क करने को कहा। इस दौरान अभिभावकों को सरकारी स्कूलों में उपलब्ध सुविधाओं और शिक्षा व्यवस्था के बारे में जानकारी देने का निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक बच्चों को स्कूल से जोड़ना विभाग की प्राथमिकता है।

छमाही परीक्षा, बाढ़ प्रभावित स्कूल और स्वच्छता पर भी चर्चा

बैठक में छमाही परीक्षा की तैयारी, बाढ़ प्रभावित विद्यालयों की स्थिति, पोषण माह और स्वच्छता पखवाड़ा को लेकर भी आवश्यक निर्देश दिए गए। बाढ़ प्रभावित स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और पढ़ाई को लेकर विशेष सावधानी बरतने को कहा गया।

गुरु गोष्ठी के माध्यम से शिक्षा विभाग ने विद्यालयों में अनुशासन, नियमित उपस्थिति और गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि निर्देशों के पालन में लापरवाही मिलने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

पश्चिम चंपारण से रिपोर्टर: मोहम्मद इम्तिआज़

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