किताब-कलम छोड़ बच्चों के हाथ में झाड़ू! सरकारी स्कूलों की सफाई व्यवस्था पर उठे सवाल

Shreya Raj
सरकारी स्कूल में सफाई व्यवस्था के बीच झाड़ू लगाती छात्रा, वायरल तस्वीर ने बच्चों से सफाई कार्य कराने को लेकर सवाल खड़े किए।

NEWS PR डेस्क: पश्चिम चंपारण के बेतिया से सरकारी विद्यालयों की सफाई व्यवस्था को लेकर एक वायरल वीडियो सामने आया है। वीडियो में स्कूली बच्चे विद्यालय परिसर में झाड़ू लगाते और साफ-सफाई करते दिखाई दे रहे हैं वहीं, कुछ शिक्षक भी स्कूल परिसर और शौचालय की सफाई करते नजर आ रहे हैं। वायरल वीडियो को लेकर शिक्षा व्यवस्था और स्कूलों में सफाई की स्थिति पर सवाल उठ रहे हैं हालांकि, इस वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

सफाई एजेंसियों का काम रुकने के बाद व्यवस्था प्रभावित होने की चर्चा

बताया जा रहा है कि प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में सफाई की जिम्मेदारी संभालने वाली एजेंसियों के काम पर रोक लगाए जाने के बाद कई स्कूलों में सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई है। चर्चा है कि संबंधित एजेंसियों को भुगतान किए बिना ही अचानक काम बंद करा दिया गया।

इसके बाद कई विद्यालयों में परिसर और शौचालयों की नियमित सफाई को लेकर समस्या सामने आने लगी।हालांकि, यह स्थिति जिले के सभी सरकारी स्कूलों में है या कुछ विद्यालयों तक सीमित है, यह स्पष्ट नहीं है। ऐसे में वायरल वीडियो सामने आने के बाद स्कूलों में सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी और उसकी निगरानी को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

हाल ही में शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों की साफ-सफाई के लिए नई व्यवस्था और बजट से जुड़ी जानकारी भी जारी की थी।

पढ़ाई के बजाय सफाई में बच्चों के इस्तेमाल पर सवाल

वायरल वीडियो में बच्चों के हाथों में झाड़ू दिखाई देने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि पढ़ाई के समय उनसे सफाई का काम क्यों कराया जा रहा है। इसी तरह शिक्षकों के सफाई करते नजर आने पर यह सवाल भी उठ रहा है कि उन्हें शिक्षण कार्य छोड़कर स्कूल परिसर और शौचालय की सफाई क्यों करनी पड़ रही है।

यदि सफाई एजेंसियों की सेवा बाधित हुई है तो स्कूलों में वैकल्पिक व्यवस्था की जिम्मेदारी किसकी है, यह भी जांच का विषय बन गया है।

वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं, विभागीय जांच के बाद सामने आएगी सच्चाई

फिलहाल वायरल वीडियो की वास्तविकता और उसमें दिखाई जा रही स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए वीडियो के आधार पर किसी स्कूल या शिक्षक पर सीधे तौर पर आरोप तय नहीं किया जा सकता। मामले की वास्तविक स्थिति विभागीय जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

जांच में यह भी सामने आ सकता है कि वीडियो कब और किस विद्यालय का है तथा बच्चों और शिक्षकों से सफाई किस परिस्थिति में कराई गई। शिक्षा व्यवस्था में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो और स्कूलों की सफाई नियमित रूप से होती रहे, इसके लिए जिम्मेदार व्यवस्था की भूमिका भी जांच के दायरे में होगी।

पश्चिम चंपारण से रिपोर्टर: मोहम्मद इम्तिआज़

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