दानापुर में 18 बिहार बटालियन का स्थापना दिवस समारोह, वीर जवानों के शौर्य और बलिदान को किया नमन

Rashmi Tiwari

NEWS PR डेस्क: दानापुरः देश की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहने वाली 18 बिहार बटालियन का 18वां स्थापना दिवस बिहार रेजिमेंट केन्द्र, दानापुर में बड़े उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित समारोह में बिहार रेजिमेंट के वीर सपूतों के शौर्य और बलिदान की याद किया गया।

18 बिहार बटालियन की नींव 14 सितम्बर 2009 (विजय दशमी) को रांची, झारखंड में रखी गई थी। कर्नल मनोज कुमार बटालियन के प्रथम कमान अधिकारी का कार्यभार संभाला। 18 बिहार बटालियन ने 07 नवंबर 2009 को ओल्ड आर्टिलरी लाइंस, रांची में भव्यता और गौरव के साथ अपने आगमन का पहला ध्वज फहराया। इसलिए 18 बिहार बटालियन अपनी स्थापना दिवस को प्रतिवर्ष 07 नवंबर को बड़े ही धूमधाम से मनाती है।

संयोग से, विजय दशमी ‘शक्ति’ और ‘शस्त्र’ के उपासकों के लिए एक अद्वितीय दिन है और इससे भी बढ़कर, 18 केवल एक संख्या नहीं है, सैनिकों के लिए इसका बहुत महत्व है। मानव इतिहास में अब तक लड़ा गया सबसे बड़ा युध्द महाभारत, 18 सेनाओं के बीच 18 दिनों की अवधि में लड़ा गया था। महाभारत ने सैनिक को उसका ‘धर्म’ भगवद गीता, जिसमें 18 अध्याय हैं। यह केवल एक संयोग नहीं है कि बिहार रेजिमेंट की 18वीं बटालियन की नींव विजय दशमी के दिन पूर्वेया की धरती पर रखी गई, बल्कि यह ईश्वर का एक वरदान है और एक नए इतिहास का शुभारंभ है।

बटालियन का प्रथम ध्वज झारखंड के राज्यपाल महामहिम कटिकल शंकरनारायणन ने फहराया। सफल स्थापना के बाद, बटालियन अप्रैल 2010 में अपने पहले स्थान पठानकोट में स्थानांतरित हो गई। बटालियन अपने आदर्श वाक्य “पूर्वेया प्रहार, प्रचंड प्रहार” के से प्रेरित और संचालित होकर प्रशिक्षण, प्रतियोगिता, बटालियन अभ्यास और बटालियन के अन्य शांतिकालीन कर्तव्यों को बखूबी निभाया

Share This Article