NEWS PR डेस्क: गया में पितरों के महापर्व पितृपक्ष मेले का आज से शुभारंभ होगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी गांधी मैदान स्थित टेंट सिटी में आयोजित समारोह के दौरान मेले का उद्घाटन करेंगे। इसके लिए जिला प्रशासन, पर्यटन विभाग और नगर निगम की ओर से तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मुख्यमंत्री गया पहुंचने के बाद विष्णुपद मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे और इसके बाद फल्गु नदी के देवघाट पर तैयारियों का जायजा लेंगे। पितृपक्ष मेले का आयोजन 25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक किया जा रहा है।
विष्णुपद मंदिर में पूजा के बाद देवघाट का करेंगे निरीक्षण
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आगमन को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाएं पूरी कर ली हैं। उनके कार्यक्रम के अनुसार गया पहुंचने के बाद सबसे पहले विष्णुपद मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे।
इसके बाद फल्गु नदी के देवघाट पहुंचकर वहां की तैयारियों का निरीक्षण करेंगे। पितृपक्ष मेले को लेकर देवघाट सहित प्रमुख पिंडदान स्थलों पर श्रद्धालुओं की सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है।
साफ-सफाई, पेयजल और शौचालय की व्यवस्था पूरी
देश-विदेश से आने वाले तीर्थयात्रियों को देखते हुए गया में साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय और प्रकाश की व्यवस्था की गई है। विष्णुपद मंदिर परिसर को रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया है।
जिला प्रशासन की ओर से मेले के दौरान श्रद्धालुओं को सुविधाएं उपलब्ध कराने और व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी के लिए अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। मेले में भीड़ प्रबंधन और सुविधाओं की निगरानी के लिए अलग-अलग स्तर पर व्यवस्था की गई है।
गांधी मैदान में बनी टेंट सिटी में होगा उद्घाटन समारोह
गांधी मैदान में श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए टेंट सिटी तैयार की गई है। इसी टेंट सिटी में पितृपक्ष मेले का उद्घाटन समारोह आयोजित होगा। कार्यक्रम में कई मंत्री, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है।
पितृपक्ष के दौरान देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु गयाजी पहुंचकर अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति और मोक्ष की कामना से पिंडदान व श्राद्ध कर्म करेंगे। पितृपक्ष मेला 25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक चलेगा।
आईजी विकास वैभव ने तैयारियों को लेकर दी जानकारी
मगध रेंज के आईजी विकास वैभव ने कहा कि पितृपक्ष मेले को लेकर प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। देश-विदेश से आने वाले तीर्थयात्रियों को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं की गई हैं।
प्रशासन का प्रयास है कि श्रद्धालुओं को पिंडदान और धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो। गयाजी में पितृपक्ष मेले को लेकर श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला भी शुरू हो गया है।
गया से रिपोर्टर: आशीष कुमार