NEWS PR डेस्क :नेपाल में लगातार हुई भारी बारिश के बाद बराजों से छोड़े गए पानी ने उत्तर बिहार में बाढ़ की स्थिति को और गंभीर कर दिया है। पश्चिमी चंपारण से लेकर पूर्वी चंपारण, मुजफ्फरपुर, मधुबनी और खगड़िया तक कई इलाकों में नदियों का जलस्तर बढ़ा है। कई जगह तटबंध और रिंग बांध टूटने से निचले इलाकों में पानी तेजी से फैल रहा है। प्रशासन और NDRF की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। राज्य के 17 जिलों में अलर्ट जारी किया गया है।
पश्चिमी चंपारण के बगहा-1 प्रखंड में गंडक नदी के दबाव के कारण खैरटवा गांव के पास सोमवार शाम चंपारण तटबंध करीब 10 मीटर तक टूट गया। इसके बाद पानी आसपास के खेतों और निचले इलाकों में फैलने लगा। बगहा के पास गंडक नदी का जलस्तर 90.90 मीटर के उच्चतम फ्लड लेवल को पार कर गया है।
उधर, पूर्वी चंपारण के मोतिहारी में मंगलवार सुबह रिंग बांध टूटने से कई निचले इलाकों में पानी प्रवेश कर गया। करीब 70 घरों में पानी पहुंचने की सूचना है। NDRF की टीम लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रही है। अरेराज क्षेत्र से गुजरने वाली SH-74 पर भी बाढ़ का पानी चढ़ गया है, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ है।
बेतिया के कई गांव भी बाढ़ की चपेट में हैं। प्रशासन ने लोगों से निचले इलाकों से निकलकर सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर जाने की अपील की है। वहीं, बगहा-वाल्मीकिनगर मार्ग पर पानी आने से यातायात प्रभावित हुआ है। मुजफ्फरपुर के कटरा में बागमती नदी का पानी बकुची पुल तक पहुंच गया है। इससे 16 पंचायतों की करीब 2 लाख आबादी का प्रखंड मुख्यालय से संपर्क कट गया है। मधुबनी में कमला और खगड़िया के चौथम में कोसी नदी का जलस्तर भी बढ़ा है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मोतिहारी, डुमरिया घाट, संग्रामपुर और अरेराज के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन को राहत-बचाव कार्य में तेजी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, पश्चिम चंपारण और सुपौल जिले के 11 प्रखंडों की 23 ग्राम पंचायतों की करीब 82 हजार आबादी सीधे बाढ़ से प्रभावित हुई है। पश्चिम चंपारण के 10 प्रखंडों के दर्जनों गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। वहीं बगहा-वाल्मीकिनगर हाईवे पर 5 से 6 फीट पानी बह रहा है।
बिहार में बाढ़ से बिगड़े हालात, बगहा में टूटा चंपारण तटबंध; मोतिहारी में रिंग बांध ध्वस्त