जीविका के 20 साल बेमिसाल: नीतीश संवाद में जीविका दीदियों ने साझा किए महिला सशक्तिकरण के अनुभव; बदलाव की बताई कहानी ,

Muskan Gupta

गया जनता दल यूनाइटेड (जदयू) की ओर से जीविका के 20 साल बेमिसाल कार्यक्रम के तहत हरिदास सेमिनरी ऑडिटोरियम में ‘नीतीश संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विभिन्न प्रखंडों से पहुंचीं जीविका दीदियों ने हिस्सा लिया और महिला सशक्तिकरण की दिशा में किए जा रहे कार्यों एवं अपने अनुभवों को साझा किया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मुख्य सचेतक रीना यादव शामिल हुईं। इसके अलावा गया जिला जदयू प्रभारी एवं विधायक मनोरमा देवी, पूर्व एमएलसी कुमुद वर्मा, गया जिला जदयू अध्यक्ष इंजीनियर अजय कुशवाहा, महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष ज्योति डांगी, कुंदन वर्मा, वार्ड पार्षद सरिता देवी सहित जदयू के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

नीतीश संवाद के दौरान जीविका दीदियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में महिला सशक्तिकरण, रोजगार और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि जीविका से जुड़ने के बाद महिलाओं में आर्थिक आत्मनिर्भरता के साथ-साथ सामाजिक भागीदारी भी बढ़ी है।

मुख्य अतिथि रीना यादव ने कहा कि 2 अक्टूबर 2006 को गांधी जयंती के अवसर पर तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में स्वयं सहायता समूहों की शुरुआत की गई थी, जिसे बाद में ‘जीविका’ के नाम से विस्तार मिला। उन्होंने कहा कि जीविका का दो दशक का सफर ग्रामीण महिलाओं के जीवन में बदलाव का महत्वपूर्ण उदाहरण है।

उन्होंने कहा कि एक समय ग्रामीण महिलाएं बैंक जाने तक से हिचकिचाती थीं, लेकिन आज वही महिलाएं जीविका से जुड़कर स्वरोजगार कर रही हैं और अपने परिवार के भरण-पोषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। जीविका दीदियां सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।

रीना यादव ने कहा कि ,आज जीविका दीदियां स्वयं रोजगार हासिल करने के साथ-साथ अन्य लोगों को भी रोजगार उपलब्ध करा रही हैं। महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में जीविका की भूमिका को उन्होंने ‘20 साल बेमिसाल’ की संकल्पना से जोड़ा।

गया से आशीश कुमार की रिपोर्ट ;-

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