NEWS PR डेस्क: पटना के मनेर में गंगा नदी का जलस्तर एक बार फिर बढ़ने से दियारा इलाके के निचले हिस्सों में बाढ़ का पानी फैल गया है। इसलामगंज, हल्दी छपरा, छिहत्तर और महावीर टोला समेत कई गांव पानी से घिर गए हैं। हालात ऐसे हैं कि ग्रामीणों को रोजमर्रा के जरूरी कामों के लिए भी नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को हो रही है, जो बाढ़ के पानी के बीच नाव से स्कूल आने-जाने को मजबूर हैं।
इसलामगंज में चारों तरफ पानी, नाव बनी सहारा
मनेर दियारा के इसलामगंज गांव की तस्वीरें बाढ़ की मुश्किलों को साफ तौर पर दिखा रही हैं। गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद गांव चारों तरफ से पानी से घिर गया है। गांव से बाहर निकलने और जरूरी सामान लाने-ले जाने के लिए ग्रामीण नाव का इस्तेमाल कर रहे हैं।
तस्वीरों में छोटे-छोटे बच्चे भी नाव के सहारे स्कूल से वापस अपने गांव लौटते नजर आ रहे हैं। बाढ़ के पानी के बीच बच्चों की यह आवाजाही बताती है कि जलजमाव के बीच उनकी पढ़ाई और रोजमर्रा की जिंदगी किस तरह प्रभावित हो रही है।
हल्दी छपरा में सूर्य मंदिर की यज्ञशाला डूबी
वहीं, मनेर के हल्दी छपरा में बाढ़ का पानी सूर्य मंदिर परिसर तक पहुंच गया है। मंदिर के पास बनी यज्ञशाला पूरी तरह पानी में डूब गई है, जबकि मंदिर के निचले हिस्से में भी पानी प्रवेश कर गया है। बाढ़ के पानी से आसपास की फसल और पशुओं का चारा भी डूब गया है। इससे ग्रामीणों के सामने खेती के साथ-साथ पशुओं के लिए चारे की समस्या भी खड़ी हो गई है।
गांवों में बढ़ी परेशानी, नाव की मांग
गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद दियारा इलाके के लोगों में एक बार फिर बाढ़ का डर बढ़ गया है। कई गांवों में लोगों की रोजमर्रा की गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। सड़क और रास्तों पर पानी भरने के कारण आवागमन मुश्किल हो गया है। ग्रामीण प्रशासन से पर्याप्त नाव की व्यवस्था करने की मांग कर रहे हैं, ताकि जरूरी कामों के लिए गांव से बाहर आने-जाने में परेशानी न हो। बाढ़ के बीच नाव पर सवार होकर घर लौटते बच्चों की तस्वीरें इस समय मनेर के दियारा इलाके की जमीनी स्थिति को बयां कर रही हैं।पटना से पशुपतिनाथ शर्मा की रिपोर्ट
मनेर में गंगा का बढ़ता जलस्तर, दियारा के गांवों में घुसा बाढ़ का पानी; नाव से स्कूल जा रहे बच्चे