मगध मेडिकल में निजी एंबुलेंस और दलालों की दबंगई, मरीज को जबरन दूसरे अस्पताल ले जाने का विरोध करने पर एंबुलेंस कर्मी से मारपीट !

Muskan Gupta

मगध मेडिकल अस्पताल में एक बार फिर निजी एंबुलेंस चालको और दलालो की सक्रियता एक बार फिर दिख रही है, गया शहर के जयप्रकाश नारायण अस्पताल से एक महिला मरीज को 102 एम्बुलेंस के माध्यम से मगध मेडिकल अस्पताल में रेफर कर लाया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचते ही वहां पर निजी एंबुलेंस कर्मी के चालक और कुछ दलालों के द्वारा जबरदस्ती मरीज को प्राइवेट अस्पताल में ले जाने का दबाव बनाने लगा, जब इसका विरोध 102 एंबुलेंस पर तैनात इमरजेंसी टेक्नीशियन के द्वारा विरोध किया तो उसके साथ मारपीट की घटना को अंजाम दिया गया. जिसे इलाज के लिए मगध मेडिकल ही अस्पताल में ही भर्ती कराया गया है, जहां घटना की सूचना मिलते हैं काफी संख्या में 102 एंबुलेंस के चालक और टेक्नीशियन मगध मेडिकल अस्पताल पहुंचे, वही सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे,!

जानकारी के मुताबिक मुन्नी देवी को जयप्रकाश नारायण अस्पताल से 102 एंबुलेंस के जरिए अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल की इमरजेंसी में लाया गया था आरोप है कि मरीज के अस्पताल पहुंचने के बाद निजी एंबुलेंस से जुड़े कुछ लोग और कथित दलाल उसे दूसरे निजी अस्पताल ले जाने का प्रयास करने लगे 102 एंबुलेंस पर तैनात इमरजेंसी टेक्नीशियन अरुण कुमार ने इसका विरोध किया, आरोप है कि इसी दौरान उसके साथ मारपीट की गई, पीड़ित एंबुलेंस टेक्नीशियन अरुण कुमार को मगध मेडिकल अस्पताल में है भर्ती कराया गया है.!

पीड़ित एंबुलेंस टेक्नीशियन अरुण कुमार ने बताया कि, इस दौरान वहां पर मौजूद अस्पताल के कई गार्ड सिर्फ देखते रह गए किसी ने हमें बचाने की कोशिश भी नहीं किया, उसने बताया कि हम और एंबुलेंस चालक द्वारा मरीज को यहां पर इमरजेंसी में भर्ती कराना चाहा लेकिन कुछ लोगों के द्वारा हमें रोकने लगे और मरीज के परिजन को कहने लगे कि यहां डॉक्टर नहीं रहते हैं और इसी बात पर एंबुलेंस कर्मी ने विरोध किया तो उसके साथ मारपीट की गई ,इस मामले को लेकर मगध मेडिकल थाना मे एक मामला भी दर्ज कराया गया

फिलहाल पुलिस पर मामले की छानबीन में जुट गई है.!

वही इस बात को लेकर मगध मेडिकल अस्पताल में भी एक बड़ा सवाल खड़ा होता है कि कैसे बाहर के कुछ दलाल सक्रिय है और खुलेआम अस्पताल में घूम कर भोले भाले मरीजों को बहला फैसला कर उसे अपने निजी अस्पताल ले जाते हैं और इलाज के नाम पर पैसे वसूलते हैं. हाल ही में डीएम शशांक शुभंकर ने भी इस मामले को लेकर खुद अस्पताल में निरीक्षण किया था और अस्पताल प्रशासन को दलालों को बाहर करने को भी निर्देश दिया था !

गया से आशीष कुमार की रिपोर्ट ;-

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