मगध होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज के पूर्व सचिव पर धोखाधड़ी और जालसाजी के गंभीर आरोप, कॉलेज प्रशासन ने दी करवाई की चेतावनी

Patna Desk
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NEWSPR DESK- बिहारशरीफ : मगध होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज के पूर्व सचिव अनिल कुमार सिंह पर कॉलेज प्रशासन ने धोखाधड़ी और जालसाजी के गंभीर आरोप लगाए हैं। कॉलेज के वर्तमान प्राचार्य डॉ. कुमार सौरभ ने शनिवार को कॉलेज सभागार में प्रेस वार्ता का आयोजन कर उन्होंने मीडिया को संबोधित करते हुए बताया कि पूर्व सचिव अनिल सिंह ने 10 जून 2024 को अपना इस्तीफा दे दिया था, लेकिन इसके बावजूद वे कॉलेज के लेटरहेड और सचिव की मुहर का दुरुपयोग कर रहे हैं। एक विशेष घटना का उल्लेख करते हुए, डॉ. सौरभ ने बताया कि 27 अगस्त 2024 को श्री सिंह ने अवैध रूप से रमेश प्रसाद को महाविद्यालय के नए प्रभारी प्राचार्य के रूप में नियुक्त करने का दावा किया और इस झूठी सूचना को मीडिया में प्रचारित करवाया। यह नियुक्ति नेशनल काउंसिल ऑफ होम्योपैथिक के नियमों का उल्लंघन है, क्योंकि प्राचार्य पद के लिए एमडी डिग्री और 50 वर्ष से कम उम्र अनिवार्य है। कॉलेज प्रशासन का कहना है कि पूर्व सचिव श्री सिंह कॉलेज और वर्तमान प्राचार्य को बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं। उन पर कॉलेज से अवैध निकासी का आरोप भी लगाया गया है, जिसे कॉलेज प्रबंधन ने बेबुनियाद बताया है। प्रशासन का स्पष्टीकरण है कि यह वित्तीय गतिविधि कॉलेज स्टाफ को वेतन देने के लिए किया गया था।

27 अगस्त को कोर कमेटी की बैठक में 11 में से 8 सदस्यों के समर्थन से अनुराधा देवी को नया सचिव नियुक्त किया गया है। कॉलेज प्रशासन ने श्री अनिल कुमार सिंह के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। इससे पहले, 7 जून को श्री सिंह पर स्वास्थ्यकर्मियों के साथ मारपीट का आरोप लगा था, जिसके संबंध में थाने में एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी। कॉलेज प्रशासन ने 10 अगस्त को सिंह को चेतावनी पत्र जारी किया था, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अवैध गतिविधियाँ जारी रखीं और उनके द्वारा किए गए सभी अवैध गतिविधियों में कॉलेज के अध्यक्ष कृष्ण वल्लभ और संयुक्त सचिव कुमार पुरषोत्तम भी संलिप्त है जो कई महीनो से कॉलेज नहीं आ रहे है जबकि कॉलेज द्वारा उन्हें कई बार बुलाने की सूचना दी गई है। महाविद्यालय प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों और मीडिया से अपील की है कि वे इस मामले में सत्यता की जांच करें और किसी भी भ्रामक सूचना से बचें।

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