NEWS PR डेस्क: मगध मेडिकल थाना क्षेत्र में वर्ष 2025 में नैली के पास पानी की संरचना में गिरने से हुई दो युवकों विशाल राज और यशराज की मौत का मामला करीब 11 महीने बाद फिर चर्चा में है। दोनों के परिजनों ने मगध रेंज के IG से मुलाकात कर मामले की निष्पक्ष और वैज्ञानिक तरीके से दोबारा जांच कराने की मांग की है। परिजनों का आरोप है कि दोनों युवकों की मौत सामान्य हादसा नहीं, बल्कि साजिशन हत्या हो सकती है।
विशाल राज और यशराज की मां मंजू देवी और रिंकू देवी ने IG को आवेदन देकर घटना से जुड़े सभी तथ्यों की नए सिरे से जांच कराने की मांग की। परिजनों ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट की विशेषज्ञों से दोबारा जांच के लिए सक्षम मेडिकल बोर्ड गठित करने की भी अपील की है। उनका कहना है कि घटना के समय मौजूद अन्य युवकों की भूमिका भी स्पष्ट की जानी चाहिए।
मोबाइल और साथियों की भूमिका की जांच की मांग
मंजू देवी ने कहा कि घटना के समय दोनों युवकों के साथ अन्य बच्चे भी मौजूद थे। परिजनों ने तीसरे साथी मनोज कुमार के अब तक लापता होने और सौरभ की भूमिका समेत कई बिंदुओं की जांच की मांग की है। मृतकों के मोबाइल फोन की जांच, कॉल डिटेल, लोकेशन और घटना से पहले व बाद की गतिविधियों की भी पड़ताल कराने की मांग की गई है।
परिजनों ने आरोपी पक्ष के कुछ लोगों पर धमकी देने का आरोप भी लगाया है। उनका कहना है कि परिवार के अन्य सदस्यों को भी धमकियां मिल रही हैं। इसलिए उन्होंने सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।

राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित था विशाल
मंजू देवी के मुताबिक, उनके बेटे विशाल राज को राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका था। उन्होंने कहा कि जब दोनों युवकों का अपराध से कोई लेना-देना नहीं था, तो उनकी मौत की परिस्थितियां स्पष्ट होनी चाहिए। परिजनों ने आरोप लगाया कि नामजद किए गए कुछ युवकों के पक्ष में उस समय कुछ कद्दावर कांग्रेस नेताओं ने तत्कालीन IG से मुलाकात कर पैरवी भी की थी।
यश की मां ने भी जताया संदेह
यशराज की मां रिंकू देवी ने बताया कि घटना से पहले फोन पर उनका बेटा घबराया हुआ लग रहा था। वह ठीक से बात नहीं कर पा रहा था और इसके बाद फोन कट गया। उन्होंने सुजीत कुमार की भूमिका पर भी संदेह जताते हुए जांच की मांग की है। रिंकू देवी ने बताया कि उनके पति की करीब 16 साल पहले मौत हो गई थी और उन्होंने मजदूरी व दूध बेचकर बेटे को पढ़ाया था।
पानी और कीचड़ से मिले थे शव
घटना के बाद दोनों युवकों के शव पानी की गहराई से बरामद किए गए थे। अब परिजन उपलब्ध साक्ष्यों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और घटना के समय मौजूद लोगों के बयानों की विशेषज्ञों से दोबारा समीक्षा चाहते हैं। उनका कहना है कि उन्हें किसी से बदला नहीं चाहिए, बल्कि यह स्पष्ट होना चाहिए कि विशाल और यशराज की मौत आखिर किन परिस्थितियों में हुई।
गया से रिपोर्टर: आशीष कुमार