NEWS PR डेस्क :बिहार में शराबबंदी कानून लागू है और इसकी निगरानी की जिम्मेदारी पुलिस व प्रशासन पर है लेकिन हाजीपुर जंक्शन पर सामने आए एक मामले ने रेल पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। गरीब रथ एक्सप्रेस में चेकिंग के दौरान बरामद करीब 27 लीटर अंग्रेजी शराब को कथित तौर पर छिपाने के आरोप में GRP के एक हवलदार और महिला होमगार्ड जवान को गिरफ्तार किया गया है। दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
ट्रेन में चेकिंग के दौरान मिले शराब से भरे चार बैग
जानकारी के अनुसार, मामला 20 अक्टूबर का है। दिल्ली से आने वाली गरीब रथ एक्सप्रेस में हाजीपुर GRP में तैनात हवलदार नरेंद्र कुमार सिंह और महिला होमगार्ड जवान अर्चना कुमारी की ड्यूटी लगी थी। ट्रेन में जांच के दौरान दोनों को चार बैग मिले। तलाशी लेने पर उनमें करीब 27 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद हुई।
CCTV फुटेज से खुला मामला
आरोप है कि शराब बरामद होने के बाद दोनों जवानों ने इसकी सूचना वरीय अधिकारियों को नहीं दी और चारों बैग अपने कब्जे में रख लिए। मामले की जानकारी रेल SP और GRP प्रभारी तक पहुंचने के बाद जांच शुरू की गई। हाजीपुर स्टेशन पर लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जिसमें दोनों जवान कथित तौर पर शराब से भरे बैग लेकर ट्रेन से उतरते दिखाई दिए। इसके बाद दोनों से पूछताछ की गई। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान उन्होंने बैग में शराब होने की बात स्वीकार की।
बिहार मद्य निषेध कानून के तहत केस दर्ज
मामले के सामने आने के बाद हाजीपुर GRP ने दोनों के खिलाफ बिहार मद्य निषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया। इसके बाद हवलदार नरेंद्र कुमार सिंह और महिला होमगार्ड जवान अर्चना कुमारी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
शराब कहां से आई, इसकी जांच जारी
इस मामले में अब यह सवाल उठ रहा है कि गरीब रथ एक्सप्रेस में शराब से भरे चार बैग किसने रखे थे और उन्हें कहां ले जाया जाना था। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि बरामद शराब के मामले में अन्य लोग शामिल थे या नहीं। घटना ने बिहार में शराबबंदी कानून के पालन और रेल परिसरों में निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल, पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। आरोपों के संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।