देश के 99.9% जिलों तक पहुंची 5जी सेवा, 5.23 लाख से ज्यादा स्टेशन स्थापित

Amit Singh

NEWS PR डेस्क: नई दिल्ली। देश में 5जी नेटवर्क का विस्तार तेजी से किया जा रहा है और अब यह लगभग पूरे भारत में उपलब्ध हो चुका है। केंद्र सरकार के अनुसार देश के 99.9 प्रतिशत जिलों में 5जी सेवाएं शुरू की जा चुकी हैं।

संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्रशेखर ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि 28 फरवरी 2026 तक देशभर में 5.23 लाख से अधिक 5जी बेस ट्रांसीवर स्टेशन (BTS) स्थापित किए जा चुके हैं। इससे तेज इंटरनेट और उन्नत डिजिटल सेवाओं के विस्तार को मजबूती मिली है।

सरकार 5जी के उपयोग को विभिन्न क्षेत्रों में बढ़ावा देने के साथ-साथ स्वदेशी तकनीकी इकोसिस्टम विकसित करने पर भी जोर दे रही है। इसके तहत टेलीमेडिसिन, प्रेसिजन एग्रीकल्चर, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में 5जी आधारित अनुप्रयोगों को बढ़ाने के लिए कई पहलें की जा रही हैं।

इस दिशा में ‘स्वदेशी 5जी टेस्ट बेड’ परियोजना महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। वर्ष 2018 में शुरू की गई इस परियोजना के लिए 224 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई थी। इसमें देश के कई प्रमुख तकनीकी संस्थान मिलकर काम कर रहे हैं। इस टेस्ट बेड को 17 मई 2022 को राष्ट्र को समर्पित किया गया था।

इसके अलावा सरकार ने देशभर में 97.67 करोड़ रुपये की लागत से 100 से अधिक 5जी लैब स्थापित की हैं। इन प्रयोगशालाओं में कृषि, स्वास्थ्य, ऊर्जा, शहरी प्रबंधन, लॉजिस्टिक्स, पर्यटन और ई-गवर्नेंस जैसे क्षेत्रों के लिए 5जी आधारित तकनीकी समाधान विकसित किए जा रहे हैं।

सरकार भविष्य की तकनीक पर भी ध्यान दे रही है। मार्च 2023 में ‘भारत 6जी विजन’ दस्तावेज जारी किया गया था, जिसमें वर्ष 2030 तक भारत को 6जी तकनीक के डिजाइन, विकास और तैनाती में अग्रणी बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए ‘भारत 6जी एलायंस’ का गठन भी किया गया है, जो उद्योग, शिक्षण संस्थानों और अनुसंधान संगठनों के साथ मिलकर कार्य योजना तैयार कर रहा है।

साथ ही दूरसंचार प्रौद्योगिकी विकास कोष (TTDF) योजना के तहत अनुसंधान और विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है। फरवरी 2026 तक इस योजना के तहत 136 शोध परियोजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी है, जिनमें से अधिकांश 6जी तकनीक और उन्नत दूरसंचार प्रणालियों के विकास से संबंधित हैं।

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